Socialduty

What is rape.

What is rape——- यह दुनिया की सबसे जटिल परेशानी है. समस्त संसार में इसका स्वरूप एक ही है. दुनिया के हर देश में इसके लिये कानून है. पूरे दुनिया में इसको केवल कानून से नियंत्रित नहीं किया जा सकता है. दुनिया के हर देश में बलात्कार होता है उसका स्वरूप भी लगभग समान होता है. […]

Socialduty

Change and society.

Change and society ———यह धरती कैसे बनी इस पर विचारकों में मतभेद है. वैज्ञानिक विचारधारा का मत अलग है. धार्मिक विचारधारा का मत अलग है. विज्ञान मानता है कि रसायनिक क्रियाओं के विकास से जीवन की उत्पति हुई. वहीं धर्म ऐसा नहीं मानता है. दुनिया के हर धर्म में इस संसार के उत्पति के कारण […]

Socialduty

Mind power and society.

Mind power and society ——-संसार का संचालन मानसिक शक्ति के माध्यम से होता है. मन की क्षमता कितनी है इस पर शोध अभी जारी है. मानव के मानसिक शक्ति से संसार में बहुत बड़े बड़े परिवर्तन हुये है. सर्वप्रथम मानव को अपनी मानसिक क्षमता की पहचान करना चाहिये. मानव मन में सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों […]

Socialduty

Date rape and society.

Date rape and society ————आधुनिक विश्व में यह गंभीर समस्या हैं. इसका कोई निश्चित स्वरूप नहीं होता हैं. आज यह पूरी दुनिया में फैल चुका हैं, इसको किसी देश या किसी समाज के सीमा में नहीं बांधा जा सकता हैं. आज अपने आप को सभ्य एवं जागरूक समझने वाले लोगों के लिये यह चुनौती के […]

Socialduty

Behave and society.

Behave and society. ———-जीवन सदैव गतिशील रहता हैं. जीवन के अंत तक मानव का समाजीकरण होता रहता हैं. जीवन को जानने के लिये व्यवहार को समझना बहुत आवश्यक हैं. मानव का जीवन कमजोरियों के साथ साथ चलता हैं. दुनिया के हर समाज में व्यवहार को बहुत महत्व दिया गया हैं. जीवन में व्यवहार करने के […]

Socialduty

Life event and society.

Life event and society. —-हम कहाँ जन्म लेंगे यह मानव पर निर्भर नहीं है. इस धरती पर एक व्यवस्था है कोई उसे भगवान मानता है. कोई उसे सुपरपॉवर कहता है. कोई उसे प्रकृति कहता है. वैज्ञानिक रूप से अभी तक वह संयोग है या शक्ति है इसकी खोज नहीं किया जा सका है. दुनिया में […]

Socialduty

Life and society.

Life and society ———-.—– मानव मन में ही संवेदना पायी जाती है. जीवन क्या है इसके विषय में केवल मानव ही जान सकता है. 700करोड़ से अधिक आबादी इस धरती पर है. एक अनुमान के अनुसार केवल 15%लोगों को ही जीवन की सामान्य भौतिक सुख सुबिधा उपलब्ध है. लगभग 500करोड़ लोग मध्यम वर्ग में आते […]

Socialduty

Post modern society.

Post modern society . —-=–*—. संसार का हर देश विकसित होना चाहता है. दुनिया में संसाधनों का बहुत असमान वितरण है. जहाँ दुनिया के कुछ देश भौतिक संसाधन में बहुत धनी है वहीं संसाधनों के मामले में बहुत देश बहुत गरीब है. मध्य एशिया जहाँ खनिज तेल में बहुत सम्पन्न है वहीं इन देशों में […]

Socialduty

Hunger and society.

Hunger and society. ———-दुनिया बदली, लोग बदले, समाज की जरूरत बदली. नहीं बदली तो मानव की अतीत से आज तक भूख की अनुभूति. यह पूरी दुनिया की सच्चाई है भूख से दुनिया का हर समाज लड़ता है. आज दुनिया के हर अर्थव्यवस्था में भूख से जंग जारी है. तकनीकी विकास ने भी भूख को बहुत […]

Socialduty

Domestic violence and society.

Domestic violence and society. —–==हिंसा बिहीन समाज इस धरती पर नहीं हो सकता है. यह हो सकता है समाज विशेष में हिंसा कम हो. दुनिया का ऐसा कोई देश नहीं है, जहाँ घरेलू हिंसा नहीं हो रहा है. हम सब को समझना चाहिये कि घरेलू हिंसा का मूलकारण क्या है. किसी भी समाज में हिंसा […]