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देखें और बदल डाले.

देखें और बदल डाले —जीवन में बहुत चीजें हमें ख़राब लगती है. कुछ चीजें सुन्दर  लगती है. जीवन इन दोनों के संघर्ष में रहता है. एक इंसान को जो वस्तु सुख दे सकती है वही वस्तु दूसरे को दुःख दे सकती है. इसमें अंतर केवल नजरिये का होता है.

जीवन में दर्शक बन कर बहुत कुछ सीखा जा सकता है. जो अच्छा दर्शक हो सकता है, अच्छा सुनने वाला हो सकता है. यह सत्य मानिये वही जीवन कुछ बड़ा करके दिखा सकता है. एक अध्धयन में यह पाया गया कि भारत की आई आई टी के,,  पास स्टूडेंट एक टाइम के वाद केवल सुनाना  चाहते है, सुनना नहीं चाहते. हर भारतीय आई आई टी के पास असीम क्षमता होती है, पर वे उसका पूर्ण उपयोग नहीं कर पाते है. दोस्तों यह मेरा निजी विचार है. जबकि MIT के लोग सुनने में पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा माहिर है, उनका स्केल पूरे संसार में नंबर एक है. यह वात हम सब को सही तरीके से समझ लेनी चाहिये.

हम सब टहलने जाते है, देश विदेश में घूमने जाते है. यह सब बहुत सुखद होता है. इन्हीं  चीजों से सीखने की जरूरत है. हम कई देश की जीवन शैली देखते है. वहां का गुणवत्ता पूर्ण जीवन देखते है. इस धरती पर सभी एक दूसरे से सीख कर ही जीवन में आगे बढ़ते है. यही तो जीवन है. जीवन को किसी रटे रटाये रास्ते पर नहीं ले जाना चाहिये. अपने जीवन को कैसे जीना है, इसका फैसला हमें सोच समझ कर करना होगा. दोस्तों जीवन में बहुत मुश्किल समय भी आता है, जब भी कभी विपत्ति आये उसका डटकर मुकाबला करें. हथियार डालने के बजाय उससे लड़े, उसे हरा दे यही जिन्दगी का सबसे खूबसूरत चेहरा है.

जो भाई विपत्ति के आगे हार मान लेते है, वे सदा के लिये हार जाते है. हार और जीत में केवल एक कदम का अंतर होता है. हमें इससे उत्साह नहीं खोना चाहिये. बहादुरी बाजार में नहीं बिकती है, वीरता का अर्थ कानून को तोड़ना  नहीं है. कानून की रक्षा करना है.

एक इंसान अपने जीवन में क्या कर सकता है. एक इंसान अपने जीवन में अपने कर्तब्य को केवल वेहतरीन तरीके से निभा सकता है, यही इंसान के बस में होता है.

जब हम प्रकृति से कुछ सीखते है, तो प्रकृति हमें हर समय शिक्षक के रूप में सिखाती है. प्रकृति के  इसी स्वरूप को हमें अपने जीवन में उतारना होगा. मानव जीवन में जन्म से लेकर अंतिम सांस तक मानव का समाजीकरण होता रहता है.

हमारा जन्म कहीं भी हुआ हो, हम जो जीवन से चाहते है, उसके प्रति अडिग रहे. हम केवल कुछ चुनाव करें, जिससे जीवन बदल जाय.
दोस्तों कमेन्ट और लाइक, शेयर जरूर करें. थैंक्स. 

Adesh Kumar Singh
Adesh Kumar Singh
I am adesh kumar singh, my education post graduate in sociology. My life target? What is the gole of life. My blogs www. thesocialduty.Com, my research only social issu, My phone nu mber-9795205824,my email-adeshkumarsingh93@gmail. com
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