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Post modern society.

Post modern society . —-=–*—. संसार का हर देश विकसित होना चाहता है. दुनिया में संसाधनों का बहुत असमान वितरण है. जहाँ दुनिया के कुछ देश भौतिक संसाधन में बहुत धनी है वहीं संसाधनों के मामले में बहुत देश बहुत गरीब है. मध्य एशिया जहाँ खनिज तेल में बहुत सम्पन्न है वहीं इन देशों में […]

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Hunger and society.

Hunger and society. ———-दुनिया बदली, लोग बदले, समाज की जरूरत बदली. नहीं बदली तो मानव की अतीत से आज तक भूख की अनुभूति. यह पूरी दुनिया की सच्चाई है भूख से दुनिया का हर समाज लड़ता है. आज दुनिया के हर अर्थव्यवस्था में भूख से जंग जारी है. तकनीकी विकास ने भी भूख को बहुत […]

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Domestic violence and society.

Domestic violence and society. —–==हिंसा बिहीन समाज इस धरती पर नहीं हो सकता है. यह हो सकता है समाज विशेष में हिंसा कम हो. दुनिया का ऐसा कोई देश नहीं है, जहाँ घरेलू हिंसा नहीं हो रहा है. हम सब को समझना चाहिये कि घरेलू हिंसा का मूलकारण क्या है. किसी भी समाज में हिंसा […]

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Electricity and society.

Electricity and society. —–== ऊर्जा मानव के जीवन के लिये बहुत उपयोगी है. विद्युत भी एक ऊर्जा है. यह मानव के भौतिक विकास के लिये आवश्यक है. अतीत में जब से आग का अविष्कार हुआ मानव ने लगातार विकास किया. आज संसार में जो देश विद्युत का जितना अधिक उपयोग करता है उसे अत्यधिक विकसित […]

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Plastic and society.

Plastic and society—–= पालीथीन का मानव जीवन में बहुत अनूठा अविष्कार था पर यह आज मानव के जीवन को दुःख दायी बना रहा है. 2050ई तक समुद्र में मछली से ज्यादा प्लास्टिक की संख्या हो जायेगी. मानव के बहुत उपयोगी वस्तु पालीथीन में पैक होकर सुरक्षित रहती है पर आज यही मानव समाज के लिये […]