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Article 370 and Indian society.

Article 370 and Indian society —-जम्मू कश्मीर एक सामान्य रियासत थी. भारत 1947में आजाद हुआ, साथ में पाकिस्तान भी बना. दोनों तरफ के लोगों का नुकसान हुआ. यह नुकसान कितना हुआ अभी भी अंदाजा नहीं लगाया जा सकता है. बहुत लोगों के आशियाने बिखर गये. दोनों तरफ पीड़ा ही पीड़ा थी लेकिन नियति को कौन टाल सकता है. जीवन भी तो ऐसी रेखा में चलता है आगे क्या होगा इंसान को कुछ मालूम नहीं होता है.

भारत में आजादी के बाद 562से अधिक रियासतों का विलय हुआ. जम्मू कश्मीर राजा हरि सिंह के अधीन था. वे स्वतंत्र रहना चाहते थे. लेकिन पाकिस्तान ने कबायलियों को भेज कर जबरदस्ती जम्मू को कब्जा करने का प्रयास किया. हरि सिंह ने भारत से सहायता मांगी. भारत ने कहा आप विलय पत्र पर हस्ताक्षर करें तब सहायता दी जायेगी.

पूरे घटना क्रम में कहीं भी भारत के तरफ से दबाव नहीं बनाया गया. विलय पत्र पर हस्ताक्षर हुए. भारत ने सेना भेजी एक लाख से अधिक का इलाका घुसपैठियों से छुड़ाया गया. लगभग 84हजार वर्गकिलोमीटर का इलाका पाकिस्तान के पास है. 1962में चीन ने 38हजार वर्गकिलोमीटर का इलाका युद्ध में ले लिया. जिसका अर्थ है कि 120000वर्गकिलोमीटर भारत की जमीन चीन और पाकिस्तान के कब्जे में है. अपना देश शांत प्रिय देश है. भारत में सभी धर्मो के लोग मिलजुल कर रहते हैं.

भारत ने 370धारा को हटा दिया. यह अस्थायी था. जो भारत ने अपने मर्जी से बनाया था. जो आज सामाप्त कर दिया गया है. इससे जम्मू कश्मीर को कोई लाभ नहीं हुआ. राज्य का नुकसान ही हुआ. हम सब को पता है भारत एक अखंड गणराज्य है.

यह कानून हटने से राज्य का तेजी से विकास होगा. सुरक्षा मजबूत होंगी. भारत के अखंड सोच को बल मिलेगा. भारत में 20करोड़ से अधिक मुसलमान रहते है. भारत को इस्लाम के विषय में किसी से भी सीखने की आवश्यकता नहीं है. देश के अंदुरुनी मामले में कानून बनाने का कार्य संसद करती है. हम सब को इसका सम्मान करना चाहिये. देश में पूरे उत्साह से इसका स्वागत किया गया. जीवन चलते रहने का नाम है. यह धारा हटने से संविधान का वह सभी कानून जम्मूकश्मीर पर भी लागू होगा जो अब तक नहीं हो पाता था. राज्य में लोगों के रोजगार के अवसर बढ़ेंगे. जीवन आसान होगा. लोग सुरक्षित होंगे. आतंक वाद जैसी घटना लगभग नहीं होंगी. दुनिया में भारत तेजी से आगे बढ़ सकेगा. अपने देश में अभी बहुत समस्या है. मै एक भारतीय होने के नाते कहना चाहता हूँ कि पाकिस्तान भी अतीत में भारत का ही भाग था. जो आज एक अलग देश है. हम सब को आज उसके वजूद को स्वीकार करना चाहिये. उसका सम्मान करना चाहिये. मै अपने पाकिस्तान मित्रों से कहना चाहता हूँ कि अपने देश का ख्याल रखें. ताकि दुनिया में बेहतर कर सके. उन्हें भारत की चिंता छोड़ देनी चाहिये. दुनिया का सबसे बड़ा सच यही है. भारत को अपने रचनात्मक कार्यों से दुनिया में पहचान मिल चुकी है. दोस्तों कमेन्ट और शेयर जरुए करें. थैंक्स.

Adesh Kumar Singh
Adesh Kumar Singh
I am adesh kumar singh, my education post graduate in sociology. My life target? What is the gole of life. My blogs www. thesocialduty.Com, my research only social issu, My phone nu mber-9795205824,my email-adeshkumarsingh93@gmail. com
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2 thoughts on “Article 370 and Indian society.

  1. विल्कुल, अब हमें नये भारत के निर्माण में भारत की सम्पूर्ण आवादी और सम्पूर्ण क्षेत्रफल का सहयोग मिलेगा। भारतीय शासन और बेहतर ढंग से काम कर पायेगा।

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