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What is science—-

What is science—

What is science——===तकनीक बिहीन समाज का निर्माण नहीं किया जा सकता है. अतीत काल से बैलगाड़ी से लेकर आज आधुनिक हवाईजहाज तक जो विकास हम देख रहें है वह तकनीक का ही कमाल है. आज उत्तर आधुनिक समाज तकनीक एवं ज्ञान पर आधारित हो गया है जिससे मानव का जीवन बहुत आसान हो गया है.

विज्ञान क्या है —किसी विषय को उपलब्ध विकल्पों में समझने के लिये एक वैज्ञानिक सोच है. विज्ञान में किसी घटना को समझने के लिये निम्न क्रम को अपनाया जाता है.

1-घटना की जाँच.

2-परिकल्पना का निर्माण.

3-तथ्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण.

4-निष्कर्ष.

विज्ञान में तर्क को सबसे ऊँचा स्थान प्राप्त है. क्योंकि उचित तर्क के माध्यम से दुनिया की लगभग हर समस्या का समाधान किया जा सकता है. विज्ञान किसी भी तथ्य को बिना तर्क के कसौटी पर कसे स्वीकार नहीं करता है.

विज्ञान का जन्म –

विज्ञान का जन्म कैसे हुआ इस पर विचारकों में मतभेद है. अतीत काल से मानव का स्वभाव खोजी प्रवृति का रहा है जो आज भी जारी है. मानव अपने जिज्ञासा को शांत करने के लिये लगातार प्रयास कर रहा है. विज्ञान मानव के जीवन को आसान बनाने के लिये लगातार नित्य नई खोज को सामने ला रहा है. आग की खोज से लेकर परमाणु बम तक सब मानव के खोजी नीतियों का परिणाम है. कहा जाता है आवश्यकता अविष्कार की जननी है. मानव जीवन जटिलताओं से भरा पड़ा है. मानव की जिज्ञासा आज तक शांत नहीं हुई है. नित्य नये विकास के लिये होना भी नहीं चाहिये. विज्ञान एक साधना है जो कठिन परिश्रम के बाद किसी निष्कर्ष पर पहुँचता है.

उदय के कारण —

मानव नवीन ज्ञान की खोज के लिये सदैव प्रयास रत रहता है. प्राचीन काल से ही मानव ज्ञान प्राप्त के नये नये साधन की खोज करता रहा है. अनेक सामाजिक सिद्धांतो के खोज के लिये मानव को जागरूक रहना पड़ता है. विज्ञान के जन्म का मुख्य कारण मानव की ज्ञान पिपाशा ही है. जरा सा हम अतीत में जाय तो पाते है कि जब इंसान जानवरों का कच्चा मांश खाता था. जब मानव की थोड़ी सी समझ बढ़ी तो आग का अविष्कार हुआ. एक अनुमान के अनुसार जब दो पत्थर आपस में टकराए होंगे तब आग उत्पन्न हुआ होगा. आग की खोज के बाद मानव द्वारा मांस को भूनकर खाया गया होगा जाहिर है स्वाद में अंतर पाया गया होगा. मानव को आग के महत्व का पता चला होगा और सर्वप्रथम उसने उसके उपयोग के विषय में सोचा होगा. जो मानव की जिज्ञासा थी उसको शांत करने के लिए मानव ने नए प्रकार के ज्ञान को साधन बनाया होगा. गैलीलियो से डार्विन तक, डार्विन से लेकर के न्यूटन तक, न्यूटन से हॉकिंस तक समस्त वैज्ञानिक सिद्धांतों में जिज्ञासा ही मूल विषय वस्तु रही है जिसके कारण हम आज आधुनिक विज्ञान देख रहे है. आज भी कई विद्वान में इस पर मतभेद हैं वह अपना अपना विचार व्यक्त करते हैं किसी एक खास बिंदु पर सहमत नहीं है.

विज्ञान से होने वाले नुकसान.

विज्ञान जितना लाभकारी है उससे भी कहीं ज्यादा वह नुकसानदायक भी है. आज दुनिया के अंदर अनेक प्रकार के विध्वंसक हथियारों का जन्म हुआ, विभिन्न प्रकार की मिसाइल, परमाणु बम,, घातक हथियार, रासायनिक हथियार, के निर्माण से पूरी दुनिया में एक अलग प्रकार की समस्या का जन्म हुआ है. जहां पर कई देश इस मुद्दे को लेकर गंभीर हैं तो कई देश इस पर लापरवाही बरत रहे है. सन 1945 का जापान के हिरोशिमा और नागासाकी पर गिराए गए परमाणु बम की कहानी पूरी दुनिया को पता है. उस परमाणु बम के हमले में लगभग 500000 से अधिक लोगों की मृत्यु हुई है. विज्ञान के द्वारा कई प्रकार के मेडिसिन की खोज की गई जहां पर अधिकांश मेडिसिन फायदेमंद होती है वहीं पर कुछ मेडिसिन काफी नुकसानदायक होती है. दुनिया के मानव जाति में तथा विभिन्न प्रकार के फसलों में विभिन्न प्रकार के नए रोगों का जन्म हुआ जिसका एक मुख्य कारण विज्ञान के द्वारा उत्पन्न दवाएं और कीटनाशक है. अनेक प्रकार के घातक हथियारों एवं कीटनाशकों का मानव के मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ा है. पूरी दुनिया में इस तथ्य पर शोध जारी है लेकिन अभी इसका कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं बनाया जा सका. विज्ञान के साधन हमें तुरंत राहत पहुंचाते हैं लेकिन हमारे स्वास्थ्य, भोजन और जीवन शैली पर बुरा प्रभाव डालते हैं.

विज्ञान का भविष्य.

कहा जाता है कि आधुनिक जीवन विज्ञान का है. उत्तर आधुनिक समाज में टेक्नोलॉजी का महत्व बढ़ गया आज की बदलती दुनिया में वही देश शक्तिशाली होगा या वही समाज मजबूत होगा जिसके पास विज्ञान की व्यवस्थित जानकारी होगी. यह कहना गलत नहीं होगा कि आधुनिक दुनिया विज्ञान के व्यवस्थित क्रम की तरफ बढ़ रही हैं. ऐसी कोई भी प्रक्रिया नहीं दिखाई पड़ रही जिससे यह लगे कि विज्ञान का विनाश हो जाएगा. मेरे विचार से विज्ञान त्वरित क्रमिक रूप से लगातार उन्नत के शिखर पर बढ़ता जाएगा. हम सबको मिलकर के विज्ञान के सकारात्मक उपयोग के विषय में खुद को सचेत रहना होगा. किसी भी तकनीक का यदि सकारात्मक पक्ष है तो वहीं पर नकारात्मक पक्ष भी होता है जैसे यदि भोजन अधिक कर ले तो यह हमारे लिए नुकसानदायक होगा वही यदि भोजन सामान्य रूप से करें तो हमारे शरीर के लिए गुणकारी होगा. चाहे कोई तकनीक हो या चाहे कोई मेडिसिन हो या चाहे कोई वैज्ञानिक अवधारणा हो यदि हम उसका उपयोग मानव के कल्याण में करेंगे तो वह सही साबित होगा. यदि उसका उपयोग नकारात्मक प्रवृत्तियों से प्रेरित होकर करेंगे तो वह मानवता के लिए नुकसान भी साबित ही होगा.

विज्ञान का हमारे जीवन में उपयोग.

आज दिया सलाई से लेकर हवाई जहाज तक हम सब विज्ञान के माध्यम से ही तत्वों या पदार्थों का उपयोग करते हैं. विभिन्न प्रकार के फर्नीचर विभिन्न प्रकार के आधुनिक मकान बनाने की टेक्नोलॉजी को हम विज्ञान से ही सीखते हैं. अनेक प्रकार के असाध्य रोगों को ठीक करने के लिए हम वैज्ञानिक तरीके से ही इलाज करते हैं. कुछ रोगों छोड़ दें तो अनेक प्रकार के रोगों को हम वैज्ञानिक तौर तरीके से ठीक कर सकते हैं. आज का मानव बिना वैज्ञानिक तत्वों और पदार्थों का उपयोग किये जीवित नहीं रह सकता है. आधुनिक मानव का जीवन विज्ञान आधारित हो चुका है. निकट भविष्य में इसमें बड़े बदलाव की संभावना भी नहीं दिखाई दे रही है. एक विचारधारा जो अब पनप रही हैं कि मानव प्रकृति के तरफ लौट रहा है. हम विज्ञान से खोजे गए तकनीक का उपयोग करें लेकिन उससे प्रकृति का कोई नुकसान नहीं हो. आज विभिन्न प्रकार के कारखानों एवं मानव की क्रियाओं से प्रदूषण उत्पन्न हो रहा है. जो आधुनिक ग्लोबल वार्मिंग का मुख्य कारण है. इस धरती को बचाने की जिम्मेदारी पूरी मानवता की है यानि दुनिया के समस्त लोगों की है. आज दुनिया के सामने कार्बन उत्सर्जन प्रमुख रूप से एक समस्या के रूप में उभर कर आया. जिस पर दुनिया के अधिकांश देश अभी गंभीर नहीं जो भविष्य के लिए एक नया संकट बन सकता है. धरती का तापमान बढ़ने के कारण ही ओजोन परत में क्षरण हो रहा है. तेजी से बदलता हुआ जलवायु परिवर्तन मानवता के लिए एक संकेत है कि हम सब सर्वप्रथम धरती को बचाएं. अभी तक जितने भी ग्रह हैं उनमें धरती ही एक ऐसा ग्रह है जिस पर जीवन की संभावना है. हाय दोस्तों हम सब मिलकर धरती को बचाएं ताकि यह धरती मानव के रहने योग्य है. हम सब मिलकर आने वाली पीढ़ी को एक बेहतर कल दें.

दोस्तों कमेंट लाइक और शेयर जरूर करें आपका प्यार भरपूर मिल रहा है ऐसे ही आपका प्यार मुझे मिलता रहे और मैं आप सब लोगों के लिए बेहतर करता रहा हूं.

धन्यवाद.

Adesh Kumar Singh
Adesh Kumar Singh
I am adesh kumar singh, my education post graduate in sociology. My life target? What is the gole of life. My blogs www. thesocialduty.Com, my research only social issu, My phone nu mber-9795205824,my email-adeshkumarsingh93@gmail. com
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