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Abuse and society.

Abuse and society. –
जीवन में हर इंसान को अपशब्द से सामना करना पड़ता है. यदि हम यह सोचें कि अपशब्द का हमारे जीवन से कोई जुड़ाव नहीं होगा. हमारा मूल्यांकन ठीक  नहीं है. कठोर शब्दों से हमारा सामना अवश्य होता है.

अब मुद्दा है कि इनसे बचें कैसे?  जीवन में बहुत लोग मिलते है जिनका अपने वाणी पर नियंत्रण नहीं होता है. कभी कभी ऐसा भी होता है अनुचित वाणी बोलने से अप्रिय घटना घट जाती है जिससे नुकसान पूरी मानवता का ही होता है.

गाली देना, अपमानित करने वाला शब्द कहना, मानव की सामान्य गरिमा को नुकसान या ठेस पहुँचाना ही अपशब्द के दायरे में आते है.

यदि हम देखें गाँधी जी को देखें, कितना गाली दिया गया लेकिन वे सत्य का मार्ग नहीं छोड़े. जीवन भर सत्य के लिये लड़ते रहे. अपशब्द से किसी समस्या का समाधान नहीं होता है. अपशब्द का  जो इंसान प्रयोग करता है उसको क्षणिक सुख मिलता है. जीवन में अपने रास्ते चलते रहना चाहिये. अगर आप को कोई अपशब्द कहे उसका उत्तर अपशब्द नहीं होना चाहिये. जीवन के मानवीय मूल्य में अपशब्द का कोई महत्व नहीं है.

अपशब्द पूरे धरती पर पाया जाता है, बस इसका रूप अलग अलग होता है. अपशब्द में एक वात जो बहुत साफ है वह यह है कि यह किसी को भी अच्छा  नहीं लगता है. हम सब को इसके उच्चारण से बचना चाहिये.

मानव जीवन में अनेक प्रकार की कठिनाई आती रहती है. हम सब को इनसे लड़ना होगा. जीवन के जो लक्ष्य है उनको पूरा करना होगा.
विश्व के अनेक समाजों  में अपना अहंकार दिखाने के लिये अपशब्द का उपयोग करते हुए देखा जा सकता है. लेकिन इन सभी तरीकों से समाज में सदभाव कमजोर होता है. प्रशासन के निचले स्तर पर भी अपशब्द का प्रयोग होता है. यूरोप में काफी सुधार हुआ है लेकिन विकासशील देशों की हालत अभी बहुत खराब है. विकासशील देशों में अभी बहुत ज्यादा सुधार करना होगा.

मै सभी दोस्तों से कहना चाहता हूँ यदि आप के जीवन में कभी ऐसा अवसर आये तो अपशब्दों का प्रयोग नहीं करें. अपनी वात को सकारात्मक नजरिये से रखें अब चाहे समाज के सदस्य हो या फिर प्रशासन के लोग. आप यकीन माने आप की वात को सुना जायेगा. यदि आप की वात को नहीं सुना जा रहा है आप अपनी वात उच्च अधिकारी तक पहुँचाये.

जीबन में जो हम चाहते है वही हमेशा नहीं होता है. जीवन की अपनी चाल होती है. जीवन में बहुत कुछ ऐसा होता है. जो हम समय जाने के बाद समझ पाते है.
जीवन में परिस्थितियों बदलती रहती है हमें इस तथ्य पर ध्यान देना होगा. हर मानव के  जीवन में चुनैाती  आती रहती है, हमें इनसे निपटने के लिये तैयार रहना होगा.

दोस्तों कमेन्ट और शेयर जरूर करें. थैंक्स.

Adesh Kumar Singh
Adesh Kumar Singh
I am adesh kumar singh, my education post graduate in sociology. My life target? What is the gole of life. My blogs www. thesocialduty.Com, my research only social issu, My phone nu mber-9795205824,my email-adeshkumarsingh93@gmail. com
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