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Crowdness and society.

Crowdness and society. —– भीड़ भाड़ आधुनिक जीवन का हिस्सा है. यह पूरी दुनिया की समस्या है. मानव जीवन आसान हो यह सोच पूरी दुनिया की थी. आधुनिक विश्व में यह अभी नहीं हो सका है. आज विकास वादी सामाजिक व्यवस्था में भीड़ भाड़ जीवन में रच बस गया है.

भीड़ क्या है —लोगों के समूह को भीड़ कहते है, भीड़ का व्यवहार अनिश्चित और अनियमित होता है. भारत में भीड़ भाड़ का ताज़ा उदाहरण माब लिंचिंग है.जिसमें बच्चा चोर होने के संदेह में किसी को मार दिया जाता है या अधमरा कर दिया जाता है.

इसका तत्कालीन उदाहरण गोहत्या के संदेह पर किसी हत्या करना तथा गो तस्कर के आधार पर किसी से मारपीट और झगड़ा करना है. यह आधुनिक विश्व में किसी को स्वीकार नहीं हो सकता है.

भारत में सभी धर्मो के लोग मिलजुलकर रहते है. मै भारत के सभी नागरिकों से आग्रह करता हूँ कि किसी भी प्रकार का संदेह हो तो स्थानीय प्रशासन का सहयोग ले. कानून को हाथ में लेना एवं तोड़ना देशहित में नहीं है. इससे ना ही देश का विकास होगा. कुछ लोग आज देश में कानून तोड़ना अपनी शान समझते है. जो भारत के भविष्य के लिये हानिकारक है. हम सब को देश की गरिमा का ख्याल रखना चाहिये. भीड़ भाड़ का दूसरा पहलू यातायात के जाम के रूप में देखा जा सकता है. दुनिया के हर बड़े शहर में जाम के स्वरूप को महसूस किया जा सकता है.

भीड़ भाड़ को उचित प्रबंधन के द्वारा व्यवस्थित किया जा सकता है. ट्रैफिक जाम से निजात के लिये पूरे दुनिया के लोगों को समझदारी का परिचय देना पड़ेगा. किसी भी देश की सरकार अकेले दम पर कुछ नहीं कर सकती है. हर देश के नागरिक को आगे आना होगा. आधुनिक जीवन शैली में यातायात जाम एक प्रक्रिया में शामिल हो गया है.

यदि हम सब जिस देश में रहते है, वहां के कानून का उचित तरीके से पालन करें तो ज्यादातर समस्या खुद ही समाप्त हो जायेगी. वास्तव में हम सब अपने नागरिक कर्तब्यों को बेहतर ढ़ग से नहीं निभा पाते है. यही से विधिक व्यवस्था में परेशानी होती है. हम अपने अंहकार एवं विशेष बनने के सोच का त्याग करें. ताकि जीवन के गुणवत्ता को बनाये रखा जाय. यूरोप और अमेरिका ने अपने तकनीकी प्रबंधन से भीड़ भाड़ को काफी नियंत्रित कर लिया है.

भारत और चीन बड़ी आबादी वाला देश है. यहाँ पर भीड़ भाड़ को लेकर समस्या कुछ अधिक है. यहाँ भारत और चीन को जरूरी कदम उठाना होगा. इस पोस्ट के माध्यम से मेरा प्रयास विभिन्न देशों की सरकार को सलाह देना नहीं है. बल्कि पूरी दुनिया में भीड़ भाड़ के प्रति लोगों को जागरूक करना है. उम्मीद करता हूँ कि मेरी बात जहाँ तक पहुंचेगी लोग भीड़ भाड़ के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझेंगे. इसी में सबका भला छिपा है.

बहुत बहुत धन्यबाद. दोस्तों.

Adesh Kumar Singh
Adesh Kumar Singh
I am adesh kumar singh, my education post graduate in sociology. My life target? What is the gole of life. My blogs www. thesocialduty.Com, my research only social issu, My phone nu mber-9795205824,my email-adeshkumarsingh93@gmail. com
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