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Electricity and society.

Electricity and society. —–== ऊर्जा मानव के जीवन के लिये बहुत उपयोगी है. विद्युत भी एक ऊर्जा है. यह मानव के भौतिक विकास के लिये आवश्यक है. अतीत में जब से आग का अविष्कार हुआ मानव ने लगातार विकास किया. आज संसार में जो देश विद्युत का जितना अधिक उपयोग करता है उसे अत्यधिक विकसित माना जाता है.

बिजली क्या है — यह एक ऊर्जा का स्रोत है जिससे मानव कुछ भौतिक क्रियाएं सम्पन्न करता है. सामान्य तौर पर घरों की बिजली, हीटर, प्रेस, फ्रीज, कूलर, एसी, ट्रेन, अनेक चिकत्सीय उपकरण सब के सब बिजली से ही चलते है. आधुनिक जीवन शैली में बिना विद्युत ऊर्जा के जीवन की परिकल्पना नहीं की जा सकती है. मानव की ऊर्जा जरूरत के 75%बिजली से ही पूरा होती है. आज परमाणु ऊर्जा, मानव के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है. यूरोप, अमेरिका, आस्ट्रेलिया, विश्व ऊर्जा का 68%उपयोग करते है. इन देशों में आधुनिक तरीके से बिजली बनायीं जाती है. विकसित देशों में विद्युत ऊर्जा उपभोग क्षमता विश्व में सबसे अधिक है. मानव का जीवन आसान हो ऐसा वैज्ञानिक विचारकों का मत है. परम्परा गत तरीके से कोयला से बिजली बनायीं जाती थी पर तकनीक के विकास के साथ इसमें बदलाव आया है.

पूरे संसार में सभी व्यकितयों को बिजली मिलना अभी भी काफी मुश्किल है. इसके लिये कोशिश की जा रही है. कोई भी प्राकृतिक संसाधन असीमित नहीं है यदि हम जागरूक है तो इस बात का ध्यान रखना चाहिये. हम घरों में जरूरत भर के ही बिजली का उपयोग करें. अनावश्यक बिजली खर्च ना करें. मेरा कहने का अर्थ है कि बिजली बचाये आने वाले पीढ़ी के लिये. ऊर्जा के विषय में एक तथ्य जो बहुत स्पष्ट है कि ऊर्जा ना तो उतपन्न किया जा सकता है. ना ही ऊर्जा को नष्ट किया जा सकता है.

हम अपनी ऊर्जा जरूरत को विवेक पूर्ण ढ़ग से उपयोग करें. आज बिना ऊर्जा के जीवन नहीं चल सकता है. घरों में हम जरूरत भर ही बिजली का उपभोग करें. अनावश्यक बिजली खर्च नहीं करें.

यह जो ऊर्जा है उस पर पूरे समाज का अधिकार है. कोई भी नागरिक बिजली के कारण जरूरी सुबिधा से बंचित ना होने पाये. यही मानवीय विकास का सबसे बेहतर उदाहरण है. भारत में बहुत से लोगों का जीवन स्तर बहुत खराब है उनको समाज के मुख्य धारा में लाना होगा. हम जिस भी परिवेश में हो बिजली के रचनात्मक उपयोग को समझें. हमारी समझदारी किसी के जीवन को खुशियों से भर देगी.

भारत में हम जिस भी व्यवस्था के अंग है ऊर्जा के सही इस्तेमाल को जानने का प्रयास करें. ऊर्जा का वैज्ञानिक महत्व समझें. मानव के जीवन में बिजली एक जरूरत के रूप में आ चुकी है. इस तथ्य को हम सभी नागरिकों को स्वीकार करना पड़ेगा.

यदि हम 100 वाट के बल्ब को 2घंटा नहीं जलाये तो उसमे एक मरीज का सामान्य आपरेशन हो जाता है. सामाजिक संरचना बहुत जटिल होती है. समाज के आखिरी इंसान तक पहुंचना कठिन होता है. संसार के स्तर देखें तो ऊर्जा के लिये कई देशों में लड़ाई तक हो जा रही है. हम जागरूक बने. खुद को नये परिवेश के लिये तैयार करें. हम देश के विकास में अपना बहुमूल्य योगदान दे, यही सबसे बेहतर होगा.

यदि हम अपने परिवार को सही तरीके से बिजली उपयोग के ढ़ग को सिखा सकें तो ऊर्जा की अवश्य बचत होंगी. आमतौर पर हम यह मान लेते है कि हमारे बचत करने से क्या होगा. हमें यह समझना चाहिये कि हम जीवन के ऊर्जा जरूरत के एक कड़ी है. विश्व में कई महान कार्य अकेले इंसान ने ही शुरू किया बाद में आगे चलकर एक जनांदोलन बन गया. हम सब को अपने देश एवं दुनिया के हित में सकारात्मक कदम उठाना होगा.

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Adesh Kumar Singh
Adesh Kumar Singh
I am adesh kumar singh, my education post graduate in sociology. My life target? What is the gole of life. My blogs www. thesocialduty.Com, my research only social issu, My phone nu mber-9795205824,my email-adeshkumarsingh93@gmail. com
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