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How do you face the prolem

How do you face the problem————-

दोस्तों जीवन में क्या ऐसा कोई स्थान है जहां परेशानी नहीं है अर्थात दुनिया में ऐसा कोई स्थान है ही नहीं? दुनिया में हर इंसान के पास परेशानी है. दोस्तों जीवन में जब विपत्ति आती है तो कुछ लोग बिखर जाते हैं वहीं पर कुछ लोग निखर जाते हैं. जीवन में वही व्यक्ति इतिहास रचता है जो मुश्किलों को पराजित करता है. दोस्तों जीवन में जब भी मुश्किलें हैं घबराए नहीं उसका हिम्मत के साथ सामना करें, हारे नहीं एक नई चुनौती के लिए उठ खड़े हो. अपने आपको हिम्मत बाधाएं, हालांकि यह आसान नहीं होता है लेकिन असंभव भी नहीं है. दोस्तों जो लोग तूफान के डर से अपनी नौका बीच समुद्र में ले जाने से डरते हैं उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि किनारों पर रहकर भी तूफानों से बचा नहीं जा सकता है.

दुनिया में शेक्सपियर का नाम बड़े आदर से लिया जाता है शेक्सपियर ने कहा था कि यह दुनिया एक रंगमंच है यहां पर हर इंसान को अपना किरदार खुद अदा करना पड़ता है. दोस्तों कोई भी समस्याएं हो समस्या पर नहीं सोचे. समस्या को नष्ट करने का रास्ता खोजें, दोस्तों हर समस्या का समाधान होता है.

महात्मा गांधी नेशनल मंडेला w.c. वाशिंगटन यदि समस्या पर सोचते तो जो कामयाबी दुनिया को वह दिए शायद नहीं दे पाते. हम सब कड़ी मेहनत करके अपने परिवार समाज एवं देश पर एहसान नहीं कर रहे हैं. दुनिया का कोई भी नागरिक अपने परिवार समाज और देश के लिए योगदान देता है. दोस्तों विपत्ति के समय आप यही मन में ध्यान रखें कि एक गलत फैसला आपको परेशानी में डाल सकता है और एक सही फैसला आपका जीवन बदल सकता है. जीवन में सदैव आगे बढ़ते रहें. यह जीवन आपको जीने के लिए मिला है. बाइबल में एक कहावत है कि परिश्रमी व्यक्ति की सहायता करने के लिए प्रकृति बाध्य है.

यदि परिश्रम में ताकत नहीं होती तो आज की दुनिया ऐसी हम नहीं देख पाते, दुनिया में जो कुछ भी बदलाव हुए हैं वह परिश्रम के द्वारा ही हुआ है.

जीवन का लक्ष्य क्या है?

दुनिया के अधिकांश विचारक इस पर मतभेद में है. कुछ धर्म शास्त्री जीवन का लक्ष्य, मोक्ष, कैवल्य, और ईश्वर प्राप्ति को मानते हैं. वहीं पर भौतिक शास्त्री इस तथ्य से इनकार करते हैं भौतिक विज्ञानियों का मत है कि ये धरती और जीवन रासायनिक तत्वों के क्रमिक विकास से हुआ है इस संबंध में वे भौतिक तत्वों को आधार मानते है. अभी तक दुनिया के अंदर जितने भी शोध हुआ है इससे साबित होता है कि मानव के जीवन का उद्देश्य मानवता की सेवा करना ही है. दुनिया के अधिकांश विचारकों में विभिन्नता देखी जा सकती है. क्योंकि जब से मानव अस्तित्व में आया मानव का इतना अधिक विस्थापन हुआ है कि मानव के जीवन में जटिलता बढ़ती चली गई. एक मानव होने के नाते हमारे सामने जिस भी प्रकार की समस्या हो उस पर हम ठंडे दिमाग से विचार करें और किसी समस्या के मानवीय हल तक पहुंचने का प्रयास करें. मानव के अंदर सकारात्मक विचारों का ढांचा बहुत पहले से ही मौजूद रहता है क्योंकि व्यावहारिक जीवन में भी ऐसा देखा जाता है कि एक आम मानवीय नकारात्मक विचार धाराओं को पसंद नहीं करता है. जैसे हम सब परिवर्तन विहीन समाज की परिकल्पना नहीं कर सकते हैं. यानी दुनिया के अंदर कोई भी सामाजिक व्यवस्था हो उसमें परिवर्तन क्रमिक रूप से होता रहता है.

परिवर्तन के साथ चलें—- प्रौद्योगिकी आधारित समाज में बिना प्रौद्योगिकी के आज का जीवन चलना बहुत मुश्किल है. हम सबको तकनीक के साथ फ्रेंडली बनना पड़ेगा यह समय की मांग है. परिवर्तन का अर्थ यह नहीं कि हमारी जो स्वस्थ परंपरा है उसका अनादर करें, बल्कि अपने समाज के जो स्वस्थ परंपरा और स्वस्थ मूल्य है उनको अंगीकार करें तथा नकारात्मक और अंधविश्वास वह विचार है जो वैज्ञानिक धरातल पर सटीक नहीं बैठते है उस विचार को त्याग करने का प्रयास करें. दोस्तों दुनिया के अंदर आपको बेहतरीन करने के लिए दुनिया की ऐसी कोई ताकत नहीं है जो आप को रोक पाएगी. वैसे भी आधुनिक भारत में भारत की प्रबंधन क्षमता पूरे संसार में मशहूर है.

दुनिया की यह धरती मानव की आवश्यकताओं को व्यवस्थित रूप से पूरा कर सकती है परंतु धरती मानव की इच्छा को पूरा नहीं कर सकती है. आइए दोस्तों हम सब मिलकर के जीवन में आगे बढ़े. दोस्तों उम्मीद पर पूरी दुनिया कायम है. यदि धरती पर उम्मीद नहीं होता तो आज का सामाजिक संरचना का निर्माण नहीं होता.

दोस्तों कमेंट और लाइक शेयर जरूर करें बहुत-बहुत धन्यवाद.

Adesh Kumar Singh
Adesh Kumar Singh
I am adesh kumar singh, my education post graduate in sociology. My life target? What is the gole of life. My blogs www. thesocialduty.Com, my research only social issu, My phone nu mber-9795205824,my email-adeshkumarsingh93@gmail. com
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