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How to solve life problems

How to solve life problems——-==जीवन में अनेक प्रकार की समस्या रहती है. हम सब को इससे लड़ कर ही जीवन में जीत दर्ज करना होता है. हर मानव के जीवन में सुख दुःख आता रहता है. इस धरती पर कोई ऐसा मानव नहीं है जिसके जीवन में केवल सुख ही सुख हो. दुःख बिहीन समाज की परिकल्पना नहीं की जा सकती है. जीवन को बहुत सहज रूप में स्वीकार करना चाहिये. जीवन में आने वाली समस्याओं का डटकर मुकाबला करना चाहिये.

जीवन क्या है ——-

जीवन क्या है अभी तक जितने शोध हुये है उस पर विद्वानों में मतभेद है. मानवता की सेवा करना मानव जीवन का मूल लक्ष्य माना गया है पर अधिकांश विचारक इस मुद्दे को स्वीकार नहीं करते है. आज भी इस मुद्दे पर शोध जारी है. जो भी जीव इस धरती पर आयेगा उसका जीवनकाल अवश्य होगा. केवल मानव ही ऐसा प्राणी है जिसके पास विवेक रुपी क्षमता है. इस पूरे संसार में किसी भी जीव के पास ऐसी क्षमता नहीं है. दुनिया के अधिकांश धर्मशास्त्र में मानव जीवन को कुदरत का तोहफा माना गया है. दुनिया में इतना विकास होने के बाद भी कोई भी वैज्ञानिक जीवन क्या इसकी स्पष्ट व्याख्या नहीं करता है.

जीवन कैसे जिए —-

जीवन को सदैव सकारात्मक ले. जीवन में आने वाली परेशानियों को सकारात्मक ले. दुनिया के लगभग सभी धर्मग्रंथो में कहा गया है कि ईश्वर के दिये गये कष्टों को सहन करना ही ईश्वर की सच्ची सेवा है. यदि हम आज के माहौल की बात करें तो हमें यह एक वैज्ञानिक रूप से सत्य तथ्य प्रतीत होता है. जीवन में कितने ही मुश्किल क्यों ना आ जाय उसका धैर्य के साथ सामना करें. जब भी जीवन में आगे बढ़े जीवन के सकारात्मक मूल्यों को अपनाये. यह विचार अवश्य करें कि आप के किसी कदम से किसी का नुकसान नहीं हो. मैंने अपराधियों पर किये गये एक अध्धयन में पाया कि हर अपराधी कुछ हत्याओं करने के बाद खुद अपराध बोध से ग्रसित मिला. ऐसा नहीं कि वह सुधर गया. वह अपने किये गये कृत्य से बेचैनी और असहजता को महसूस करता है. होता यह है अपराध के दलदल में वह इतना गिर चुका होता है कि वह वहां से लौट नहीं सकता है. सारे संसार के अपराधी पर मैंने यह तथ्य पाया. यूरोप के कुछ देशों में अपराधियों के सुधार के लिये कुछ कार्यक्रम बनाये गये जो बहुत हद तक सफल रहें. आप जिस भी देश के नागरिक हो वहां के नियमों का पालन करें. अपने देश के परम्परा एवं मूल्यों का आदर करें. अपने सामाजिक और आर्थिक विकास पर लगातार ध्यान दे. भौतिक लालसा में अपने जीवन को संकट में डालने से बचें. दोस्तों जैसा कि आप सब जानते है कि मै अपने ब्लॉग्स के माध्यम से जीवन से जुड़ी परेशानियों पर पोस्ट लेकर आप के सम्मुख आता रहता हूँ आप सब का प्यार मुझे एक प्रेरणा देता है.

जीवन की चाल को कैसे समझें —–

जीवन काफी उतार एवं चढ़ाव वाला होता है. हम जो भी करें लगन से करें. यदि आप जीवन जीने की कला समझ गये तो जीवन जीना आसान हो जाता है. जीवन में आने वाले विपत्ति के लिये खुद को तैयार करें. जीवन फूलों की सेज नहीं है हम सब यह जानते है. जीवन में जो भी फैसले ले विचार करके ले. जीवन में कभी हार नहीं माने. हमेशा हौसला रखें. कभी भी निराश नहीं हो. जीवन को बदलने के लिए क्रमिक रूप से चलना होगा. जीवन में सब अच्छा होगा ऐसा नहीं माने. जीवन में आने वाले दुख के लिए खुद को तैयार रखें. इस दुनिया में समस्त घटनाएं हमारे अनुसार नहीं घट सकती हैं. जीवन को पूर्णता के रूप में स्वीकार करें. जो नागरिक तूफान के डर से अपनी नाव को समुद्र के बीच में नहीं ले जाते हैं उन्हें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि किनारों पर रहकर भी तूफान से बचा नहीं जा सकता है. जीवन में कभी भी किसी का अहित ना करें इससे मानवता का नुकसान होता है. अपराधी कितना भी बड़ा क्यों ना हो वह अपने बेटे को अपराधी नहीं बनाना चाहता है यही मानवीय मूल्य का सम्मान है. बिना दुख का सहन किए कोई भी व्यक्ति जीवन में कभी भी बड़ा नहीं बन सकता है. एक बड़ा पत्थर ठोकर खा खा कर के छोटा हो जाता है लेकिन एक इंसान ठोकने खा खा कर के बड़ा बनता है. हम अपने परिवार देश और समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को बेहतर ढंग से निर्वहन करें. मानव की अधिकांश समस्या इन्हीं सब तरीके से सुलझ सकती है. जीवन में अंधविश्वास और इनसे जुड़ी चीजों से हमेशा दूर रहना चाहिए. हम उन्हीं तथ्य को स्वीकार करें जो वैज्ञानिक तथ्यों पर आधारित हो. जीवन में व्यवहारिक सोच रखना चाहिए. अति फंतासी वाले विचारों से बचना चाहिए. बेहतर जीवन जीने के लिये अनुशासित रहना पड़ेगा. जीवन में कोई भी मुश्किल आए घबराना नहीं चाहिए उसका हिम्मत के साथ सामना करें. जीवन में रोए गाए नाचे खेले कूदे कभी भी इन सब चीजों को बुरा मत माने अपने जीवन को इन चीजों से जोड़ें. यही जीवन का सबसे बड़ा सच है. प्यारे दोस्तों हमारे इस विश्लेषण को साहित्यिक नजरिए से ना देखें. हमारा यह विश्लेषण इतने सरल भाषा में इसलिए है कि आमजन तक पहुंच सके. दोस्तों क्या कभी ऐसा हुआ है कि कोई व्यक्ति निराश ना हो. निराशा के बाद ही जीवन में आशा का संचार होता है. जो इंसान जीवन में दुख नहीं देखा उसका महत्व कैसे महसूस कर सकता है. दुनिया के किसी भी समाज में हम स्तर बिहीन समाज की परिकल्पना नहीं कर सकते हैं. हम जिस भी देश के नागरिक हैं वहां के सामाजिक संरचना में अपना स्थान बनाए. अपने देश के विकास के लिए हमसे जो कुछ भी हो सकता है उन हर प्रक्रियाओं को हम करने का प्रयास करें. किसी इंसान की महानता इसमें है कि वह अपने देश को क्या दे रहा है यह नहीं कि वह क्या पा रहा है. हर देश में कुछ लोग कानून को तोड़ना अपना अधिकार समझते हैं परंतु उन्हें इस बात का ध्यान नहीं रहता कि यह प्रक्रिया ही उनके लिए दुखदाई साबित होती है. दोस्तों हम सब अपने जीवन में सामान्य प्रक्रियाओं का पालन करें अपने जीवन को बेहतर बने. इसी में हम सब का भला है इसी में अपने देश का भला है इसी में पूरे विश्व की मानवता का भला है. दोस्तों आपके जीवन से कोई समस्या जुड़ी हो आप उसका निराकरण नहीं कर पा रहे हैं तो हमारे पास कमेंट करें हम उसका समाधान अवश्य करेंगे . यदि संभव होगा तो आपके कमेंट पर हम एक आर्टिकल भी पोस्ट करेंगे जिससे आपकी समस्या का समाधान हो सके. जीवन में हम सब आगे बढ़े, बेहतर करें, अपनी उर्जा को मानवता के विकास में लगाएं. दोस्तों इस धरती पर हर इंसान किसी ना किसी समस्या से जरूर जूझ रहा है बस समस्या में हमें सकारात्मक पहलू को पकड़कर उसके समाधान को ढूंढना पड़ता है.

दोस्तों कमेंट लाइक और शेयर जरूर करें धन्यवाद

Adesh Kumar Singh
Adesh Kumar Singh
I am adesh kumar singh, my education post graduate in sociology. My life target? What is the gole of life. My blogs www. thesocialduty.Com, my research only social issu, My phone nu mber-9795205824,my email-adeshkumarsingh93@gmail. com
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