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I.I.T का जुनून और विकास.

दोस्तों आई आई टी  क्या है?  यह भारत में एक उच्च संस्था है जो इंजिनियर और बड़े बड़े बैज्ञानिक पैदा करती है. यह ऍम आई टी के मॉडल पर बनाया गया  है.
ऍम आई टी यह अमेरिका का उच्च संस्था है जो इंजिनियर और बैज्ञानिक पैदा करती है.
अपने देश में आई आई टी में यानि भारत में दाखिले के लिये जुनून पाया जाता है. अभिभावक भी अपने बच्चे को आई आई टी में भेजना चाहते है इसमें कुछ गलत भी नहीं है. अभिभावक का ऐसा सोचना किसी तरीके से अनुचित भी नहीं है पर अपने बच्चे के एकडमिक रिकार्ड को जानना भी बहुत जरुरी है.

आई आई टी जीवन की एक उपलब्धि है इससे पूरे जीवन का रास्ता नहीं तय हो जाता है. हम सभी माता पिता को यह बात जानना होगा. हम अपने सपनो को बच्चों पर नहीं थोप सकते है.

जीवन को कुछ उपलब्धि से नहीं आका जा सकता है.
अभिभावक क्या करे ——
1–अपने बच्चे का बेहतर तरीके से रख रखाव करे.
2-बच्चों को सपना खुद देखने दे.
3-उनके सपनों को पूरा करने में सहायता करे.
4-बच्चे को साहसी बनाये.
5-बच्चे को बेहतर करने के लिये प्रेरित करे.
6-बच्चे से हमेशा ताल मेल बनाये रखें.
7-आप एक माली है यह मान कर अपने बगीचे की देख भाल करे.
8-बच्चे के जरूरत का ध्यान रखें.
9-बच्चों की जिद पूरी करने से बेहतर है कि उसे वह दे जो उचित हो.
10-यदि बच्चे की मांग कुछ ऐसा है कि जिसे आप पूरा नहीं कर सकते है तो उसे अपनी क्षमता  बताये कि वह वस्तु  मै आप के लिये नहीं खरीद सकता हूँ.
11-बच्चे से बात करते समय ईमानदारी बरते.
12–बच्चे को  समाज के सकारात्मक एवं नकारात्मक पहलू दोनों बताये. यदि हम अभिभावक है तो अपने बच्चे रचनात्मक विकास  कैसे करें,  इस वात का ध्यान रखें.

आई आई टी  के छात्र और छात्राओं को क्या ध्यान रखना चाहिये.
1-जीवन अनमोल है.
2-आप  के जीवन से आप के परिवार का जीवन जुड़ा  है.
3-छात्र जीवन में हार जीत लगी रहती है.
4-आप कठोर परिश्रम करे.
5-आई आई टी में दाखिला नहीं मिलता है तो अन्य सम्मानित संस्था का ध्यान रखें, उसमे दाखिला ले.
6-आप के सपने केवल आप के नहीं है इनसे आप का परिवार एवं समाज जुड़ा है.
7-15se25साल की उम्र धैर्य से विताये. अपने गोल के प्रति सावधान रहे.
8-आप कोई बस्तु या उपलब्धि चाहते है आप के पास नहीं है, घबराये नहीं, उम्मीद पर पूरी दुनिया कायम है. आप प्रयास करे अवश्य सफल होंगे.
9-अपने से बड़ो  का सम्मान करे.
10-आप का नैतिक कर्तब्य क्या है इस वात का ध्यान रखें.

मै मुंबई, दिल्ली, चेन्नई, कोलकाता, कोटा, तथा देश के कोने कोने आई आई टी की तैयारी करने वाले छात्र, छात्राओं से कहना चाहता हूँ कि यह जो जीवन है उस पर हक केवल आप का नहीं है. इस पर आप के परिवार एवं देश का हक है.
आप निराशा में आकर आत्महत्या जैसे कदम उठाये यह गलत है. आप भारत के अनमोल रत्न है इसे गवाने का कार्य ना करे. यह देश आप का है भारत का संसाधन आप का है. अगर आई आई टी में दाखिला नहीं हुआ तो क्या हुआ, अन्य संस्था में दाखिला ले.
भारत को मजबूत बनाये. भारत तथा विश्व मानवता को आप की जरूरत है.

जो हारा होता है वही सबसे बड़ा महापुरुष बनता है. हार  को सकारात्मक ले. जीवन को बदले. जीवन का अंत नहीं करे. एक सुनहरा भविष्य आप का इंतजार कर रहा है.

मै एक वात बताता हूँ 130करोड़ की आबादी में यदि कोई व्यकित थोड़ा ही मेहनत करे यानि केवल एक घंटा , तो क्या वह भूख से मरेगा. नहीं? 
नहीं मरेगा, नहीं मरेगा, नहीं मरेगा,  .

दोस्तों आप के देश की अर्थव्यवस्था बहुत मजबूत है. आप मेहनत करे आप को बेहतरीन अवसर मिलेगा.
आत्महत्या एक विचार है इसका त्याग करे. सोचिए आप इस धरती पर रहेंगे तो अपने परिवार एवं देश के विकास में योगदान दे सकते है.
आप आत्महत्या करने के विचार पर केवल इतना सोचिये, कि आप के कारण कितने लोगों का जीवन संकट में पड़ जायेगा.

हमें यह सोचना होगा कि सकारात्मक सोच शरीर के चेहरे को कांतिमय बना देती है. मै उन बच्चों से निवेदन करता हूँ कि आत्महत्या से दूर रहे.  आत्महत्या का विचार मन में आने पर अपने परिवार और देश के विषय में भी सोचे.
दोस्तों कमेन्ट और शेयर जरूर करे. थैंक्स. 

Adesh Kumar Singh
Adesh Kumar Singh
I am adesh kumar singh, my education post graduate in sociology. My life target? What is the gole of life. My blogs www. thesocialduty.Com, my research only social issu, My phone nu mber-9795205824,my email-adeshkumarsingh93@gmail. com
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