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Indian lifestyle and culture.

Indian lifestyle and culture—–

भारत एक बहुत विशाल देश है. भारत में हिंदू मुस्लिम सिख ईसाई बौद्ध जैन पारसी यहूदी जनजाति सभी लोग मिलकर के आराम से जीवन व्यतीत करते हैं. भारतवर्ष की एक संकल्पना है कि वसुधैव कुटुंबकम, भारत में रहने वाले लोग पूरे संसार को एक परिवार के रूप में मानते हैं. भारतवर्ष दुनिया का इकलौता ऐसा देश है जिसमें विभिन्न धर्मों के लोग भारतीय संस्कृति के मूल्यों के आधार पर जीवन जीते हैं. संसार में अनेक प्रकार की क्रांतियां हुई भारत में भी कई मशहूर क्रांति हुई. भारतीय समाज पर भी दुनिया के विचारधाराओं का प्रभाव पड़ना लाजमी है. सारे संसार में यह पाया गया है कि पूजा पद्धति भले ही अलग-अलग हो यदि समूह एक संस्कृत के नीचे रह रहे हैं तो वह समाज स्वस्थ होगा. दुनिया के अंदर यह भी देखा गया है कि यदि पूजा पद्धति एक ही हो उनकी संस्कृति अलग अलग है तो वहां पर संघर्ष होना स्वाभाविक है. भारत दक्षिण, पूरब, पश्चिम से समुद्र से घिरा है. उत्तर में कश्मीर से लेकर के अरुणाचल तक हिमालय की पर्वत श्रृंखला भारत की प्राकृतिक प्रहरी हैं. औद्योगिक क्रांति व सूचना क्रांति का प्रभाव भारतीय जनमानस पर बहुत तेजी से पड़ा है यूं तो भारत अभी विकासशील देश है लेकिन भारत अपने लोगों को बेहतर जीवन देने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है.

परिवार और भारतीय जीवन.

जिस प्रकार से भारत में पारिवारिक संरचना पाई जाती हैं वैसा पूरा संसार में किसी देश के अंदर पारिवारिक संरचना नहीं पाई जाती है. भारत की आज आबादी लगभग 135 करोड़ है इसमें 40 करोड़ लोगों के जीवन में बहुत ही बड़ा संघर्ष है. दूसरे शब्दों में कहें तो इन 40 करोड़ों लोगों को अपने जीवन को चलाने के लिए यानी दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए लगातार कड़ा संघर्ष करना पड़ता है. भारत का पारिवारिक जीवन दुनिया से बिल्कुल अलग है. यह सच है कि आधुनिक संसार में एकाकी परिवार का महत्व बढ़ता जा रहा है जिसका प्रभाव भारत के समाज पर भी पड़ रहा है परंतु भारत में अभी भी संयुक्त परिवार की संकल्पना जीवित है. यह भी सच है की संयुक्त परिवार की संरचना धीरे-धीरे टूट रही है. क्योंकि आधुनिक जीवन के मूल्यों में लगातार परिवर्तन हो रहा है आज आर्थिक मूल्यों को लगातार बढ़ावा मिला है. संसार के किसी भी कोने में किसी व्यक्ति को जीवित रहने के लिए कोई ना कोई आजीविका का साधन अपनाना पड़ता है भारत के लोग भी इन से वंचित नहीं है. भारतीयों की प्रबंधन क्षमता पूरे संसार में मशहूर है. भूमंडलीकरण वैश्वीकरण और निजीकरण एवं उदारीकरण की जो विचारधाराएं संसार के अंदर दौड़ रही हैं उन विचारधाराओं का प्रभाव भारतीय समाज पर भी लगातार पड़ रहा है. यह कहना असंगत नहीं होगा कि आज के समय में दुनिया का कोई भी देश वैश्वीकरण और भूमंडलीकरण एवं उदारीकरण की विचारधाराओं को त्याग नहीं सकता है.आज की दुनिया साझा मूल्यों पर आधारित हैं सभी देशों के साझा लक्ष्य है. दुनिया का कोई भी देश विकास करना चाहता है तो उसे आधुनिक तरीकों को अपनाना होगा तथा अपने परंपरागत मूल्यों में कुछ हद तक बदलाव भी करना होगा. जब से भारत आजाद हुआ है लगातार भारतीय समाज में निरंतर परिवर्तन हो रहा है. यह परिवर्तन 1965 के बाद बहुत तेजी से हो रहा है इन परिवर्तनों को हमेशा सकारात्मक रूप से लेना होगा. 1991 माननीय मनमोहन सिंह के दिशा निर्देश में भारत ने वैश्वीकरण निजीकरण उदारीकरण की नीतियों को स्वीकार किया पिछले 30 साल में भारत दुनिया की बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था है. भारत के लोगों ने अपने तकनीक ज्ञान क्षमता और परिश्रम के बल पर दुनिया के अंदर एक मुकाम हासिल किया है. आज का भारत अपने विज्ञान प्रौद्योगिकी और तकनीक के बल पर दुनिया के चोटी के देशों में शुमार हो रहा है. आज के भारत का जो स्वरूप हम देख रहे हैं उसमें भारतीय नागरिकों के कड़ी मेहनत और परिश्रम को जाता है. ग्लोबलाइजेशन के इस जमाने में जहां एक छोर पर दुनिया में कोई घटना घटती है तो वह दुनिया के दूसरे छोर पर बहुत ही आसानी से और तुरंत पहुंच जाती है. हम सभी नागरिकों को मिलजुल कर के देश के विकास में वैज्ञानिक विचारधाराओं को महत्व देना होगा. देश के विकास की बुनियाद समाज परिवार और देश के सकारात्मक विचार धाराओं पर आधारित होती है जिसका की उदाहरण जापान अपने आप में स्वयं हैं आज का जापान पूरे दुनिया के टेक्नोलॉजी आईडियोलॉजी का मुख्य केंद्र है.

आधुनिक दुनिया में भारत का भविष्य.

आधुनिक संसार में भारत विकास के नए आयाम को छुए गा, देश की तरक्की लगातार बढ़ रही है. भारत का भविष्य सुरक्षित हो इसके लिए हम सबको मिलकर के शिक्षा स्वास्थ्य बुनियादी सुविधाओं पर लगातार बेहतर ध्यान देना होगा. हमें अपने देश की सामाजिक संस्थान एवं वैधानिक संस्थाओं को पूर्ण रूप से मजबूत करना होगा तथा टेक्नोलॉजी फ्रेंडली ह्यूमन रिसोर्स को बढ़ावा देना होगा. आधुनिक संसार में वही देश बेहतर होगा जिसके पास ह्यूमन रिसोर्स बेहतर होगा. सिंगापुर और इजराइल अपने तकनीकी कौशल और प्रबंधन के द्वारा पूरे संसार में एक मुकाम अर्जित किया है. आने वाले वर्षों में हम सबको मिलकर के ऐसी नीतियां बनानी होगी जो समाज में सबसे पिछली कतार में खड़ा व्यक्ति हो उस को लाभ पहुंचाया और उसके विकास में सहायक हो. यदि हम सब ऐसा कर पाते हैं तो भारत का भविष्य सुरक्षित और विकसित होगा. आधुनिक दुनिया भारत को आशा भरी नजरों से देख रहा है क्योंकि भारत पूरी दुनिया में दूसरे नंबर का सबसे बड़ा बाजार है. हम सबको मिलकर के अपने देश के जो सामान्य कानून है उसका पालन करें ताकि अपने देश की सामाजिक संरचना व्यवस्थित रहे. किसी देश की पहचान उसके नागरिकों से होती है जैसे अमेरिका के श्रमिकों की अधिक उत्पादकता अमेरिका को संसार में नंबर वन बना चुकी है. मैं सभी अपने दोस्तों से अपील करता हूं कि अपने देश के विकास में लगातार कोशिश करते रहे. काम तेज करें, काम ईमानदारी से करें, काम अपने देश के लिए करें. दोस्तों कमेंट लाइक और शेयर जरूर करें आपका बहुत भरपूर प्यार मिल रहा है उम्मीद है कि आपका सहयोग हमेशा मिलता रहेगा

धन्यवाद दोस्तों.

Adesh Kumar Singh
Adesh Kumar Singh
I am adesh kumar singh, my education post graduate in sociology. My life target? What is the gole of life. My blogs www. thesocialduty.Com, my research only social issu, My phone nu mber-9795205824,my email-adeshkumarsingh93@gmail. com
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