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Jivan aur yojna.

Jivan aur yojna —–यूरोप में एक विचार चलता हैं कि जो बिना योजना के इस धरती पर आता हैं, उसे झेलना  पड़ता हैं. इसमें कितनी  सच्चाई हैं यह शोध का विषय हैं, लेकिन आज के दुनिया में यह सामान्य नियमों में आ गया हैं. जिसका उदाहरण परिवार प्लान हैं जो आज हर युवा अपनाते हैं. वैज्ञानिक रूप से इसमें कुछ गलत भी नहीं हैं. दोस्तों अभी 2000ई के पहले लोग तीन, चार, बच्चे पैदा करते थे पर आज यह घट कर एक या दो पर आ गया हैं. यही इस विचार की सच्चाई हैं. जीवन एक यात्रा हैं, हम सब मुसाफिर हैं. हमें बस अपना रोल बेहतर तरीके से निभाना हैं. जीवन में हर क्षण बदलाव हो रहे हैं, हमें इन बदलाव को सहज रूप में स्वीकार करना हैं.

अपने शिक्षा का प्लान बनाये. जिस क्षेत्र में आप की रूचि हो उसी को अपना कैरियर बनाये. जिस क्षेत्र में आप की रूचि नहीं हो अपने जीवन का अधिकांश भाग उसमे ना लगाए. प्रश्न यह हैं कि हम कैसे जाने कि हमारी रूचि किसमे हैं?  मित्रों हमें भोजन में क्या पसंद हैं हम किसी से पूछते हैं? नहीं. ठीक वैसे ही हम केवल यही सोचे कि मै अपने जीवन से क्या चाहता हूँ, यकीन माने पूरा उत्तर मिल जायेगा. जीवन कोई वस्तु नहीं हैं यह संवेदना का क्रमिक विकास हैं. किसी इंसान के जीवन में हर पल परिवर्तन होता रहता हैं. हमें इन परिवर्तनों के साथ चलना हैं.

हम अपनी शिक्षा बेहतर तरीके से पूरा करें. हमारे पास कुछ लाइफ प्लान होना चाहिये. मसलन हम जीवन को कैसे बिताना चाहते हैं? . जीवन का  एक लक्ष्य तय करें, उसको प्राप्त करने के लिये पूरी ताकत झोंक  दे.

यदि हमारे परिवार में कोई परेशानी हैं, तो उसको प्राथमिक्ता के आधार पर समाप्त करें.

हम जीवन में कितने बच्चे पैदा करना चाहते हैं इसके प्रति हमारे पास सही निर्णय होना चाहिये.
वित्तीय गोल भी हमारे योजना में शामिल होना चाहिये. हम जिस देश के सामाजिक संरचना में रह रहे हैं, उनका सम्मान करें. उस देश के कानून  का सम्मान करें जहाँ आप रहते हो. अगर इन सभी विचारों को अपनाये तो मेरा विश्वास हैं आप का जीवन आसान हो जायेगा.

हम कोई भी कार्य करें पहले उसके विषय में सामान्य समझ विकसित करें. फिर धीरे धीरे विषय के गहनता को जानने का प्रयास करें. समस्या कोई भी हो आप के तरीकों से हल हो जायेगी.

भारत जैसे देश में सब चलता हैं, इसका पूरा सिद्धांत पाया जाता हैं. आज 2019ई की बात  करें तो इस विचार धारा में बदलाव आया हैं. आज के नवयुवक युवतियाँ  के पास भावी जीवन का एक खाका हैं उनके पास योजना हैं. यही बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण हैं , इसे हम सब को मानना पड़ेगा. यही सच भी हैं.  हम भारतीय वैज्ञानिक प्रबंधन पर ध्यान दे तो परिणाम हमारे अनुमान से कहीं ज्यादा बेहतर प्राप्त हो.

आइये हम सब एक बदलाव लाये अपने कार्यों को वैज्ञानिक प्रबंधन से जोड़े. दुनिया के विकास में योगदान दे.
दोस्तों कमेन्ट और शेयर जरूर करें. थैंक्स.

Adesh Kumar Singh
Adesh Kumar Singh
I am adesh kumar singh, my education post graduate in sociology. My life target? What is the gole of life. My blogs www. thesocialduty.Com, my research only social issu, My phone nu mber-9795205824,my email-adeshkumarsingh93@gmail. com
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