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Dream and society.

Dream and society
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                                             बिना सामान्य अनुमान के जीवन नहीं चल सकता है. जीवन में जटिलता बहुत अधिक होती है. मानव का जीवन अनिश्चित होता है, एक पल जो  हम परिकल्पना करते है वही अगले पल बदल जाता है. प्रश्न है कि जीवन का खाका कैसे बनाये. यह एक सामान्य समझ पर बनता है. जैसे हम बिल्डिंग बनाते है, पहले रोड, नाली, पार्क आदि की व्यवस्था करते है. यह एक सामान्य प्रक्रिया हुई घर बनाने के लिये. हमें जीवन को ऐसे ही रास्ते से होकर ले जाना है. हम क्या जीवन से चाहते है इसका हमें ज्ञान होना चाहिये. हम किसी भी देश में रहे वहां की परम्परा और कानून का पालन करते हुए अपने जीवन का गोल बनाये.

यदि हम अनुमान की बात करें तो यह मानव के विकास के साथ साथ लगातार चल रहा है. जीवन की घटनाओं का सटीक अनुमान नहीं लगाया जा सकता है. बहुत  से मानव कुछ आधार बनाकर अनुमान लगाते है.

जीवन में हम शिक्षा के तरीके चुनते है जो आगे चलकर यह साबित करता है कि हम किस पेशे में अपना जीवन लगायेगे. आज आधुनिक समाज में तकनीक का  बहुत अधिक विकास हो चुका है. हमे आधुनिक तकनीक का उपयोग कर अपने जीवन को उपयोगी बनाना चाहिये.
बहुत मेरे दोस्तों ने फ़ोन करके पूछा कि शिक्षा का कोई विकल्प है. मै केवल इतना कहना चाहता हूँ शिक्षा का कोई विकल्प नहीं है. एक अच्छी शिक्षा किसी भी इंसान का जीवन बदल सकती है.

जीवन से हमें क्या चाहिये इस बात को हम सब को समझना होगा. कई दोस्त हमारे इस विचार से सहमत नहीं होंगे, पर मेरा विचार है कि हम सब को जीवन में एक सामान्य योजना बनाकर चलना चाहिये. अगर हम एक सामान्य परिकल्पना को हटा दे तो जीवन का कोई लक्ष्य नहीं मिलेगा.

हम सब जीवन का खाका बनाये, उसमें रचनात्मक विचारों का समावेश करें. जीवन में जो भी मुश्किल आये उसका डटकर मुकाबला करें.
दोस्तों समस्या बिहीन जीवन की हम सब कल्पना नहीं करें. जीवन और समस्या सभी एक दूसरे से जुड़े हुए है.

जीवन में नकारात्मक चीजों को जीवन से निकाल फेंके. हम सभी अक्सर समस्या पर ही सोचने लगते है. समस्या दूर करने के उपाय पर जोर नहीं देते है, सारी परेशानी यही उठ ख़डी होती है.  जब व्यक्ति दुःख में होता है उसको कोई रचनात्मक विचार नहीं दिखायी पड़ता है. यदि हम ध्यान से विचार करें तो पाते है कि बिना सकारात्मक मनोभावों के इंसान की समस्या हल नहीं होती है.

देर ही सही जो इंसान अपने जीवन को बेहतर बनाना चाहते है. उन्हें रचनात्मक विचारों के पुंज से जुड़ना ही होगा, नहीं तो अपनी क्षमता के अनुसार विकास नहीं कर पाएंगे. समाज में ऐसा देखा गया है कि इंसान के अंदर बहुत क्षमता थी, पर वे उसका उपयोग नहीं कर पाये. आप की ऊर्जा आप के लिये गये निर्णय पर निर्भर करती है. एक बेहतर निर्णय आप को ऊंचाई पर पंहुचा सकती है, एक खराब फैसला आप को मुसीबत में डाल सकता  है.

दोस्तों हम सब जीवन में जब भी आगे चले अपने पैर को मजबूती से रखें. इसी में हम सब का कल्याण छिपा है.
दोस्तों कमेन्ट और शेयर जरूर करें. थैंक्स.

Adesh Kumar Singh
Adesh Kumar Singh
I am adesh kumar singh, my education post graduate in sociology. My life target? What is the gole of life. My blogs www. thesocialduty.Com, my research only social issu, My phone nu mber-9795205824,my email-adeshkumarsingh93@gmail. com
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