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Law of life–——-

Law of life———जीवन में सब कुछ परिवर्तन शील होता है।इस धरती पर चाहे जड़ हो या चेतन उसमें परिवर्तन होता रहता है। मानव का जीवन अनेक विसंगतियों से भरा हुआ होता है। आज कोरोनावायरस ने साबित कर दिया कि मानव की क्षमता सीमित ही होती है। दुनिया के अनेक देश इस वायरस से लड़ते हुए अनेक प्रकार के कष्टों को सफर कर रहे हैं। भारत भी उनमें से एक, कहने का अर्थ है कि ब्रिटेन, फ्रांस ,रूस, आस्ट्रेलिया ये सभी देश कोरोनावायरस को लेकर के काफी चिंतित है ।दुनिया बदली लोग बदले नहीं बदला तो प्रकृति का नजरिया। दुनिया में होने वाला यह परिवर्तन इतने दिन में होता है कि मानव को इसका पता ही नहीं चलता है ।लाइफ में इस धरती पर सभी जीवो के लिए नियम है यह प्रकृति सबको एक निश्चित नियमों में अनुशासित तरीके से रखती है।

प्रश्न है कि कुछ लोग प्रकृति के नियमों को नहीं मानते ?यह सत्य प्रतीत नहीं होता है , यदि गहन अध्ययन करें तो पाते हैं कि वह भी प्रकृति के नियमों में जकड़े हुए हैं ।जैसे एक अपराधी क्यों अपनी संतानों को अपराधी नहीं बनाना चाहता है क्योंकि उसे पता होता है कि इसका अंत क्या होगा।

विभिन्नता धरती का वरदान है ——– जितने भी महाद्वीप हैं हर देशों में अपनी परंपरा तथा अपनी जरूरत के अनुसार कानून है ।यदि हम सही रूप में पता लगाएं तो पाते हैं कि सभी देशों में कुछ ऐसे कानून एवं परंपरा है जो दुनिया के हर देश में उपस्थित रहता है। जैसे दुनिया के हर हिस्से में यदि किसी व्यक्ति की मौत हो जाए तो खुशी नहीं मनाई जाती ।जैसे दुनिया के किसी हिस्से में चोरी करना किसी भी देश में सम्मान की नजर से नहीं देखा जाता है।

सूर्य तारे चंद्रमा भी सबको सहज तरीके से स्वीकार करते हैं।

दुनिया के हर हिस्से में सूर्य की रोशनी अपने प्रकृति के नियमों के अनुसार पड़ती है। चंद्रमा अपनी शीतलता से सब को सहज भाव से स्वीकार करता है। मुद्रा के विकास के साथ-साथ मानव के अंदर अपने उपभोग को लेकर डर पैदा हुआ। कहने का अर्थ है कि दुनिया का हर मानव अपनी जीवन में खुशी और प्यार देना चाहता है। जीवन सहायता का नाम है ।यदि मानव की बात करें तो मानव को अपने जीवन में बहुत ही नम्रता से सुख और दुख को स्वीकार करना चाहिए क्योंकि यही जीवन का सार है ।व्यक्ति के पास हर भौतिक सुख साधन मौजूद फिर भी यह पदार्थ उसको खुश नहीं रख सकते हैं क्योंकि व्यक्ति संपूर्णता की खोज करता है ।संपूर्णता उसे मिलती नहीं है फिर वह प्रकृति के बनाए नियमों को स्वीकार करता है, तथा जीवन में आगे बढ़ता है प्यारे मित्रों भाइयों बहनों जैसा कि आप जानते हैं हमारे इस ब्लॉग का उद्देश्य आप लोगों के जीवन में रचनात्मक तथा सकारात्मक बदलाव को लाना। हमारे उन भाई बहनों को जो छोटे से गांव में ,हमारे उन भाई बहनों को एक छोटी सी शहरों में रहते हैं उनके लिए जीवन में वह कैसे बेहतर करें जीवन में वह कैसे अपने आप को आगे ले जाएं यही हमारे ब्लाक का मुख्य रूप से उद्देश्य है

तमाम ऐसे हमारे मित्र तमाम ऐसे हमारे भाई लगातार मेल पर हमारे कमेंट करते रहते हैं कि सर अपने आर्टिकल में या अपने लिखे गए पोस्ट में किसी मुद्दे के नकारात्मक पहलुओं को भी दर्शाया करें।

मैं उन सभी अपने लोगों को बताना चाहता हूं मैं अपने उन सभी भाई बहनों को बताना चाहता हूं जीवन में सकारात्मक सोच ही आपके चेहरे को कांतिमय बना सकती है ।लेकिन जीवन में जिस किसी को आप देखें तो आपको खुद पता चलता है यदि आपकी आंखों के सामने कोई व्यक्ति सफल हुआ है तो उसे अपने जीवन में कहीं ना कहीं कुछ नकारात्मक प्रवृत्तियों को त्यागना पड़ता है सो फ्रेंड्स मेरा भी यही उद्देश्य है कि आप अपने जीवन में जो भी नकारात्मक बातें हैं चीजें हैं उन को त्याग कर बेहतर करने का प्रयास करें । धीरे-धीरे चीजें बदलती रहती हैं ।हम जिस भी सामाजिक व्यवस्था में रहते हैं हम जिस भी सामाजिक सरोकारों में रहते हैं वहां पर केवल पौष्टिक चीजें ही हमें दिखाई दें ऐसा संभव नहीं आमतौर पर हमारे परिवार में भी घरेलू हिंसा की घटनाएं होती रहती हैं लेकिन घरेलू हिंसा की घटनाओं के विषय में जानकर के आने वाले जीवन में आप परिवार ही ना बनाएं यह समस्या का समाधान नहीं है । समस्या का समाधान यह है कि आपको खुद अपने चीजों को बहुत ही सलीके से देखना होगा आपको खुद यह सोचना होगा कि हम कैसे अपने आपको शब्द और बेहतर बनाएं ।आपको खुद यह देखना होगा कि आप अपने आप को कैसे बेहतर बनाएं और नई आने वाली चुनौतियों को कैसे सामना करें। यह प्रकृत प्रतिक्षण बदलती रहती है कहा भी जाता है कि परिवर्तन ही संसार का नियम है।व्यक्ति का जन्म होता है उसका किशोरावस्था आता है तथा फिर उसके बाद उसके जवानी के दिन आते हैं फिर जवानी के दिन भी अस्थाई रूप से नहीं रहते उसकी प्रौढ़ावस्था जाती है अंत में किसी भी मानव की वृद्धावस्था भी आती है प्यारे मित्रों एक कर्मिक व्यवस्था है आप बेहतर कर्म करेंगे बेहतर तरीके से अपने परिवार को आगे ले जाएंगे बेहतर तरीके से समाज और देश की सेवा करेंगे तो जाहिर सी बात है कि आपके कर्मों का प्रभाव आने वाले नए जनरेसन पर भी पड़ेगा। मैं आपको यह बताना चाहता हूं । जीवन का यह सत्य है जो कभी भी बदलाव की तरफ बढ़ता रहता है। आप खुद अपने पुराने दिनों को महसूस करें आप अपने उन बचपन के दिनों को महसूस करिए उन दिनों से लेकर के आज तक आपके जीवन में कितने भी बदलाव हुए ,उसमें अधिकांश बदलाव आप द्वारा खुद किए गए लेकिन फिर भी आप ही महसूस करते हैं कि कहीं ना कहीं कोई अप्रत्यक्ष ऐसी चेतन सत्ता है ।जो आप को नियंत्रित करती है मैं उसी लाभ नेचर की बात कर रहा हूं मैं उसी लाइफ लाइफ की बात कर रहा हूं।

आप सभी को तहे दिल से मैं खैरमदम करता हूं। मैं तहे दिल से आप सभी का स्वागत करता हूं और आप सभी से निवेदन करता हूं कि इस पोस्ट को लाइक कमेंट और शेयर जरूर करें हो सकता है कि आपके इन प्रयासों से आपके किसी प्रिय जन का रचनात्मक रूप से विकास हो सके। इन्हीं शब्दों के साथ आज का पोस्ट मैं यहीं पर समाप्त कर रहा हूं अगली पोस्ट में हम आपको बताने वाले हैं कि परपज आफ लाइफ अभी आप देख रहे थे लॉ ऑफ लाइफ अगली पोस्ट में हम आपको बताने वाले हैं कि परपज आफ लाइफ थैंक यू।

Adesh Kumar Singh
Adesh Kumar Singh
I am adesh kumar singh, my education post graduate in sociology. My life target? What is the gole of life. My blogs www. thesocialduty.Com, my research only social issu, My phone nu mber-9795205824,my email-adeshkumarsingh93@gmail. com
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