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Law of Nature ___________

Law of nature____ जीव का जीवन प्रकृति के नियमों के अनुसार जुड़ा हुआ है। हम जीवन में चाहकर भी बहुत कुछ बदलाव नहीं कर सकते हैं। समय-समय पर प्रकृति ने खुद को यह साबित किया है कि प्रकृति ही सर्वश्रेष्ठ है। यदि हम आज के दिनांक में देखें तो corana की महामारी जो पूरे विश्व में फैल चुकी है। पूरा संसार महामारी के सम्मुख नतमस्तक है। दुनिया के विकसित देश भी इस बात को महसूस कर रहे हैं कि वह इस महामारी को हरा नहीं पा रहे हैं। आमतौर पर हम सब जानते हैं कि प्रकृत लगातार ब्रह्मांड में बदलाव करती रहती है। यदि मानव समाज को बेहतर जीवन जीना है तो उसे प्रकृति के नियमों के अनुसार चलना होगा। यदि मानव लगातार प्रकृति के नियमों का उल्लंघन करता रहा तो आने वाले भविष्य में अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना मानव समाज को करना पड़ेगा। कहा जाता है कि हम जैसा सोचते हैं वैसा ही हो जाते कहीं ना कहीं यह तथ्य अपने आप में एक नए जीवन को परिभाषित करता है। मैं अपने सभी भाई बहनों से कहना चाहता हूं कि वही करें जो अपने समाज के ,पर्यावरण के ,तथा खुद के लिए हितकारी हो।ऐसा कोई प्रकृति के विरूद्ध कार्य नहीं करे जो मानव जीवन को नुकसान पहुचाये ।जीवन एक यात्रा है । संसार की कोई भी व्यवस्था स्थाई नहीं है। परिवर्तन के साथ पूरे संसार में सभी व्यवस्था में परिवर्तन होता रहता है। हम सभी मानव को इस नीति में होने वाले परिवर्तन को स्वीकार कर के जीवन में सकारात्मक विचार के साथ आगे बढ़ना चाहिए।ऐसा देखा गया है कि प्रकृति अपने नियम खुद निर्धारित करती है। आज का मानव दुनिया के विभिन्न देशों में रहता है विभिन्न समूहों में रहता है। हम खुद को भारतीय होने पर गर्व महसूस करते हैं इसमें कुछ गलत भी नहीं है, लेकिन एक सच यह भी है कि हमारे यानी हम मानव के पूर्वज अफ्रीकी महाद्वीप में पैदा हुए थे। भोजन की तलाश में विभिन्न प्रकार के समूहों के रूप में मानव का विस्थापन अफ्रीका महाद्वीप से लेकर के यूरोप और एशिया में हुआ। यह भी सच है कि मानव का जन्म अफ्रीका महाद्वीप में हुआ यह वैज्ञानिक प्रमाणों से साबित भी हो चुका है। फिर भी भारत भूमि के अंदर हम विभिन्न जातियों समूह और विभिन्न प्रकार के सोच में बैठे हुये है।

जीवन को प्रकृति के साथ जोड़े —-

हम सभी मानव जीवन में कितनी भी ऊंचाई को प्राप्त कर ले हमें प्रकृति के साथ तालमेल बैठाकर चलना चाहिए । प्यारे मित्रों ,भाइयों ,बहनों मैं कहना चाहता हूं कि हमारे तमाम साथी हैं, मित्र हैं ,बहने है ,ऐसा लगातार हमारे मेल पर कमेंट किया जा रहा है कि हम केवल सकारात्मक चीजों को ही ध्यान रखते हैं। प्यारे भाइयों बहनों ऐसी बात नहीं है दुनिया में दुष्ट विहीन समाज की परिकल्पना नहीं की जा सकती है लेकिन यदि आप बाजार में जाते हैं, तो आप अच्छी से अच्छी सब्जी लेने का प्रयास करेंगे ,अच्छे से अच्छे कपड़े लेने का प्रयास करेंगे, अच्छा से अच्छा खाना खाने का प्रयास करेंगे यही मानव का स्वभाव है प्यारे भाई बहनों मैं कहना चाहता हूं कि हम सब चीजें जीवन को बेहतर करने के लिए स्वीकार करें ।जीवन में एक उम्मीद कायम करें और अपने जीवन की दिशा को बेहतर करने के लिए खुद को प्रेरित करें। दुनिया की गति बहुत निराली होती है हमें दुनिया के बीच में हमारे लिए क्या बेहतर है उसको स्वीकार करके जीवन में आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। कुछ हमारे भाई बहनों को इस बात की भी आपत्ति हो सकती है कि जब देश आजाद हुआ संविधान को स्वीकार किया गया तो जो संविधान बनाया गया वह विभिन्न देशों के विचारों से प्रेरित होकर के बनाया गया। यदि आज की परिस्थितियों में हम देखे तो तमाम प्रकार के ऐसे कानून है जो भारत के लिए उपयोगी नहीं है। प्यारे मित्रों एवं भाई बहनों मैं कहना चाहता हूं कि आज बार-बार यदि मारे संविधान में संशोधन हो रहा है तो यह हमारी कमी का प्रतीक नहीं है यह हमारी जागरूकता और बौद्धिकता का प्रतीक है। हम अपने देश काल के अनुसार नए नए कानून बनाने में सक्षम हो पाए हैं और दक्षिण एशिया में भारत की क्या स्थिति है यह प्यारे मित्रों आप सबको बताने की जरूरत नहीं है। पूरे संसार में बदलाव बहुत तेजी से हो रहे हैं हम सबको इन बदलाव को स्वीकार करके बहुत ही सकारात्मक नजरिए के साथ अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। जब जीवन में आगे बढ़ने का प्रयास करेंगे तो बहुत से ऐसे लोग जो आपके ही बीच से ही है । आपको या आपके विचारों से सहमत नहीं होंगे लेकिन आप उन विचारों को भी त्याग करे जो ,आप के विकास में बाधा उत्पन्न करते हो। सहज रहें ,सामान्य रहें ,और खुद बार-बार अपने आप को ही एनालाइज करते रहें कि कैसे हम जीवन में बेहतर करें। प्यारे भाई बहनों आज के लिए इतना ही धन्यवाद अगली पोस्ट में हम व्हाट इज द सोसाइटी, सुसाइड पर आर्टिकल लेकर के आपके सामने आने वाले हैं ,तब तक के लिए आप सब को तहे दिल से बहुत-बहुत शुक्रिया बधाई प्यारे भाई बहनों आपसे विनम्र निवेदन है कि आप कमेंट को लाइक शेयर जरूर करें धन्यवाद।

Adesh Kumar Singh
Adesh Kumar Singh
I am adesh kumar singh, my education post graduate in sociology. My life target? What is the gole of life. My blogs www. thesocialduty.Com, my research only social issu, My phone nu mber-9795205824,my email-adeshkumarsingh93@gmail. com
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