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Life event and society.

Life event and society. —-हम कहाँ जन्म लेंगे यह मानव पर निर्भर नहीं है. इस धरती पर एक व्यवस्था है कोई उसे भगवान मानता है. कोई उसे सुपरपॉवर कहता है. कोई उसे प्रकृति कहता है. वैज्ञानिक रूप से अभी तक वह संयोग है या शक्ति है इसकी खोज नहीं किया जा सका है. दुनिया में 200से अधिक देश है. बहुत से देशों की सामाजिक संरचना में एकरूपता नहीं पायी जाती है. जिसका मुख्य कारण जलवायु और जीवन शैली है. पूरे संसार में लगभग 15प्रकार की जलवायु पायी जाती है. आधुनिक समाज में इंसान का जीवन किसी बिशेष समाज से ही शुरू होता है. मानव के जीवन में उसके परवरिश का बहुत बड़ा योगदान होता है. मानव की शिक्षा, भोजन, एवं धर्म उसके जीवन से जुड़े है. हम यह निश्चित नहीं कर सकते है कि हम कौन सा धर्म मानेंगे. बहुत कुछ परिस्थितियों पर निर्भर करता है.

सामाजिक रूपरेखा में परिवर्तन को नवीनता के रूप में स्वीकार किया जाता है. जन्म के बाद मानव शिक्षा प्राप्त करता है. बहुत लोगों को इसका भी अवसर नहीं मिलता है. मानव के अशिक्षित होने का मुख्य कारण भौतिक संरचना और अज्ञानता है. मानव जिस समाज में रहता है उसके कुछ नियम होते है जिसे मानव को पालन करना पड़ता है. व्यक्ति को आर्थिक क्रिया कलाप से जुड़ना पड़ता है.

मानव की आर्थिक स्थित उसके चेतना को प्रभावित करती है. यह कहना ज्यादा बेहतर होगा कि मानव की चेतना उसके आर्थिक पृष्टभूमि से तैयार होती है.

दुनिया में कुछ देश विकसित है तथा अधिकांश देश अभी विकास कर रहे हैं. मानव के जीवन पर सामाजिक मूल्यों का प्रभाव पड़ता हैं. जीवन में बहुत घटनाएं ऐसी घटती हैं कि उस पर मानव का कोई नियंत्रण नहीं होता हैं. हमें जीवन में परिवर्तन को स्वीकार करके आगे चलना होगा. धरती पर बहुत से समाजों का विकास केवल इसलिए रूका हैं कि वे आधुनिक परिवर्तन को बहुत धीरे धीरे स्वीकार करते हैं. भौतिक विकास यूरोप से शुरू हुआ क्योंकि नवीनता को यह समाज बहुत जल्दी स्वीकार किया. विकास के नये नये विकल्पों की खोज की.

दुर्खीम ने कहा था इस धरती पर सामाजिक संरचना में जो कुछ हैं कुछ भी बेकार नहीं हैं. हर सामाजिक तथ्य का उपयोग हैं.

भारत में एक कहावत हैं जो जितना सामाजिक होगा वह उतना ही लम्बा जीवन पायेगा. यह एक सामाजिक तथ्य हैं जो शोध से सत्य सिद्ध हुआ. आधुनिक जीवन शैली में आज भी यह फैक्ट सत्य हैं. समुदाय मानव को रचनात्मक कार्य करने के लिये प्रेरित करता हैं.

आधुनिक जीवन में तनाव को कम करने का यह सबसे बेहतरीन तरीका हैं कि मानव सामाजिक क्रिया कलापों में व्यस्त रहे. आधुनिक वैज्ञानिक भी इसे सहज भाव से स्वीकार करते हैं. हम तनाव बिहीन समाज की कल्पना नहीं कर सकते हैं. आज के जीवन में तनाव को कम करके जीने का प्रयास हम सब को करना पड़ेगा.

हम अपना कार्य करें. समाज के लिये भी सकारात्मक भूमिका अदा करें. जीवन में यदि दीर्घ आयु जीना चाहते हैं तो सकारात्मक विचारों को साथ लेकर समाज का सहयोग करें. बराक ओबामा को कौन नहीं जानता हैं वह सामुदायिक विकास से दुनिया के अंदर एक नई ऊंचाई को जन्म दिए. सामुदायिक विकास से लगभग 11.69% लोगों के जीवन में परिवर्तन हुआ. काफी लोगों को गरीबी से निकालने में आसानी हुई.

एशिया, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका में सामुदायिक विकास का मॉडल बहुत खुशहाली लाया. इन देशों के नागरिकों के जीवन में बहुत बदलाव हुआ. यदि कोई बेहतर खोज हो जो मानव के जीवन को आसान बनाये उसे स्वीकार करने में देर नहीं करना चाहिये.

अभी 1991ई की बात हैं जब भारत में कम्प्यूटर क्रांति हुई. भारत के अधिकतर लोग यही सोचते थे कि अब लोगों का रोजगार छिन जायेगा पर ऐसा नहीं हुआ. आधुनिक तकनीक देश के विकास में सहायक साबित हुई. आज अपना देश विकास के नये ऊंचाई को छू रहा हैं.

हम वह तकनीक या विचार जो भारतीयों को जागरूक करें, जो भारतीयों को बेहतरीन करने का मौका दे उसे अपने विवेक का उपयोग करके अवश्य स्वीकार करें. इसी से ही संसार का भला होगा.

धन्यवाद.

Adesh Kumar Singh
Adesh Kumar Singh
I am adesh kumar singh, my education post graduate in sociology. My life target? What is the gole of life. My blogs www. thesocialduty.Com, my research only social issu, My phone nu mber-9795205824,my email-adeshkumarsingh93@gmail. com
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