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Human target and society.

Human target and society —–

मानव में असीमित क्षमता होती है. यह जानकारी हमें मानव द्वारा किये जा रहे रचनात्मक कार्यों से पता चलता है. आज  पूरे संसार का जो भी स्वरूप हम देख रहे है वह मानव के संकल्प का ही परिणाम है. इस धरती पर लगभग 6महाद्वीपों  में 900करोड़ से अधिक की आबादी है. पूरे एशिया में संसाधन विशाल मात्रा में पाया जाता है. लेकिन उनका बैज्ञानिक दोहन ढ़ग से नहीं हो पाया है.

विश्व की आधुनिक सामाजिक  संरचना में मानव संकल्प का बहुत बड़ा योगदान है. जितने भी विकास  इस संसार  में हम देखते है, वह मानव के संकल्प का परिणाम है. उत्तरी अमेरिका, यूरोप, आस्ट्रेलिया, के बुनियादी एवं बैज्ञानिक विकास पूरी दुनिया में श्रेष्ठ है. ऐसा करने के लिये इन महाद्वीपों पर निवास करने वाले लोग बहुत त्याग किये है. प्राकृतिक विज्ञानों का विकास आज पूरे संसार में लोगों का कल्याण कर रहा है.

विश्व का कोई भी देश आज विज्ञान से उत्पादित उपकरण को अपनाने से इंकार नहीं कर सकता है, क्योंकि बिना इनके उपयोग के आज विकास नहीं किया जा सकता है.
उदाहरण के स्वरूप यदि हम  कृषि के यन्त्र, उत्पादित बीज, रासायनिक खाद, का उपयोग नहीं करेंगे तो उत्पादन बेहतर नहीं हो सकता है. रासायनिक खाद का प्रयोग करते समय हमें यह ध्यान रखना चाहिये कि इसकी मात्रा उचित हो, नहीं तो कृषि योग्य जमीन कुछ सालों में बंजर हो जायेगी. उत्पादन बहुत कम हो जायेगा.

आज दुनिया चाँद, मंगल तक पहुंच चुकी है. यह मानव के संकल्प का ही परिणाम है.

कहा जाता है कि मन के हारे हार  है, मन के जीते जीत. जो लड़ाई बल से नहीं जीती जाती है उसे मनोबल से जीता जाता है.

मानव के मानसिक क्षमताओ  से इस धरती पर कई ऐतिहासिक कार्य हुए हैं. आज मानव अपने संकल्प एवं परिश्रम के बल पर कई मुश्किल बीमारियों पर विजय प्राप्त कर लिया हैं.  आइंस्टीन, महात्मा गाँधी,न्यूटन, नेपोलियन, के किये गये कार्यों से मानव की क्षमता का पता चलता हैं. दोस्तों संकल्प ले. संकल्प को अपने परिश्रम से पूरा करे.

जीवन हार जीत से होकर गुजरता हैं. जीवन में कई बार हार होती हैं. एक बड़ी जीत के लिये कई हार को झेलना पड़ता हैं. मानवीय संवेदना बहुत दुर्बल होती हैं. हमें अपने संवेदनाओ पर नियंत्रण रखना चाहिये. संवेदना पर नियंत्रण करके रचनात्मक विकास किया जा सकता हैं. मानवीय समस्या को संकल्प से हल किया जा सकता हैं. जीवन एक यात्रा हैं. जीवन को हमेशा पूर्णता में देखना चाहिये.

मानव जीवन में कभी कभी ऐसा भी होता हैं कि मानव के जीवन में घटने वाली घटनाओं पर उसका कोई नियंत्रण नहीं होता हैं. यह एक क्रमिक व्यवस्था हैं.  इस धरती पर हर बड़ी समस्या को संकल्प के माध्यम से दूर किया जा सकता हैं. संकल्प एक सोच हैं. संकल्प एक रास्ता हैं. संकल्प एक योजना हैं. संकल्प एक विचार हैं. संकल्प मानवीय मूल्यों का बरदान हैं.

मानव संकल्प अमूर्ति होता हैं. इसमें एक सच यह होता हैं कि इसको मूर्ती किया जा सकता हैं. यदि कोई मानव नकारात्मक संकल्प लेता हैं उसे पूरा भी कर लेता हैं. परन्तु यह समाज एवं किसी देश के कानून द्वारा मान्यता प्राप्त नहीं कर पाता हैं. दूसरे शब्दों में कहें तो नकारात्मक संकल्प मानव के समस्या को सुलझाता नहीं है, बल्कि समाज में बिघटन पैदा करता है. नकारात्मक संकल्प को रोकने के लिये अनेक प्रकार के कानून का निर्माण किया गया है.
आइये हम सब मिलकर अपने देश एवं दुनिया को सकारात्मक संकल्प के माध्यम से बेहतर बनाये.
दोस्तों कमेन्ट और शेयर जरूर करे थैंक्स.

Adesh Kumar Singh
Adesh Kumar Singh
I am adesh kumar singh, my education post graduate in sociology. My life target? What is the gole of life. My blogs www. thesocialduty.Com, my research only social issu, My phone nu mber-9795205824,my email-adeshkumarsingh93@gmail. com
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