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Mind power and society.

Mind power and society ——-संसार का संचालन मानसिक शक्ति के माध्यम से होता है. मन की क्षमता कितनी है इस पर शोध अभी जारी है. मानव के मानसिक शक्ति से संसार में बहुत बड़े बड़े परिवर्तन हुये है. सर्वप्रथम मानव को अपनी मानसिक क्षमता की पहचान करना चाहिये. मानव मन में सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों विचार रहते है.

जो मानव अपनी मानसिक क्षमताओं का उपयोग रचनात्मक कार्यों में करके समाज में परिवर्तन लाते है उन्हें ही महापुरुष कहते है जैसे महात्मा गाँधी, जवाहर लाल नेहरू, सरदार जी. डब्लू सी वाशिंगटन, देकार्ते, मुहम्मद साहब, मार्टिन लूथर किंग, कैनेडी, डार्विन, कार्ल मार्क्स, आदि.

महापुरुषों ने लोगों के जीवन में बदलाव लाये पूरे संसार को एक नई दिशा दी. पूरा संसार आज भी उनको बहुत आदर से याद करता है. मानव की मानसिक क्षमता बहुत असीमित है. मन की शक्ति शारीरिक शक्ति से अधिक मजबूत होती है. प्रश्न यह है कि मन की शक्ति का विकास कैसे करें. इसके लिये सबसे महत्वपूर्ण है कि प्रकृति को सामान्य एवं सहज रूप में स्वीकार करें. सहजता से ही मानव की मानसिक क्षमताओं का विकास होता है. संसार में जितने भी खोज हुये है सब मानव के मानसिक प्रयास का परिणाम है. जल, आसमान, धरती पर जो भी खोज हुये है वह मानव मन की सकारात्मक देन है.

दुनिया में कई उदाहरण पाये जाते है कि मानव ने बहुत गंभीर रोगों को अपने मानसिक बल से हराया है. इस संसार में ट्रेन बनी, हवाई जहाज, वैज्ञानिक खोज, आधुनिक तकनीक का विकास सब मानव मन से संभव हुआ है. पूरे संसार में मानव जीवन को बेहतर बनाने के लिये नित्य नये शोध हो रहे है.जिस सोच को कभी कल्पना माना जाता था आज वह हकीकत हो रहा है. हम यदि सामान्य मानव की बात करें अनेक परम्पराओं में घिर कर जीवन जीता है. जब यही मानव खुद को बदलने की सोच लेता है तो नये इतिहास का जन्म होता है. पूरा संसार ऐसे इतिहास से भरा पड़ा है. मानव मन की कल्पना ने ही परमाणु बम बनाये. यह मानव मन की ही सोच है कि धरती को खतरनाक हथियारों से बचाने का प्रयास किया जा रहा है. भौतिक विकास में दुनिया ने बहुत विकास कर लिया, अब इस विकास को लोगों तक पहुँचाने की बात सोची जा रही है. ऐसा शोध के बाद पाया गया कि असमान विकास से असमानता का जन्म होता है जिससे दुनिया के अंदर मानवता विरोधी संगठनों को उभरने का अवसर मिलता है. जब विकास की बात होती है इसमें किसी देश बिशेष का विकास नहीं होता है. विकास पूरे संसार का होना चाहिये. जब राइटबंधु ने वायुयान बनाया. आगे चलकर यह विकास दुनिया के हर देश में पहुँचा.

लोकतंत्र का जन्म यूरोप में हुआ. आज दुनिया में 97%देशों में लोकतंत्र का शासन है, यही मन की शक्ति है. इस धरती पर चाहे चाणक्य ने सोचा या यूरोप के किसी विचारक ने सोचा इसका लाभ पूरा संसार आज उठा रहा है. आधुनिक शासन व्यवस्था में सबसे बेहतर लोकतंत्र को ही माना जाता है. लोकतंत्र ने लोगों को एक उम्मीद दी . लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया. जिससे दुनिया में लगातार विकास हो रहा है. इस प्रक्रिया में कई परेशानी भी आयी पर गाँधी, मंडेला जैसे लोगों ने इस परेशानी को नष्ट किया. आज गाँधी और मंडेला को पूरे संसार में महामानव माना जाता है.

धन्यवाद.

Adesh Kumar Singh
Adesh Kumar Singh
I am adesh kumar singh, my education post graduate in sociology. My life target? What is the gole of life. My blogs www. thesocialduty.Com, my research only social issu, My phone nu mber-9795205824,my email-adeshkumarsingh93@gmail. com
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