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Indian social system.

Indian social system——विज्ञान कुछ दावा जरूर करता है कि धरती इस तरीके से बनी. इस धरती पर सारे संसार में आज भी मतभेद बरकरार है. विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े विद्वान् अपनी अपनी राय रखते है. दुनिया के अधिकांश विद्वान् किसी एक मत पर सहमत नहीं है. पूरे संसार में अनेक प्रकार के समाज पाये जाते […]

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Working culture in India.

Working culture in India——इस धरती पर हर मानव को जीवनयापन के लिये कार्य करना पड़ता है. यह धरती मानव के लिये एक कर्मक्षेत्र है. मानव जीवन के अंतिम समय तक कार्य करता रहता है. इंसान के जीवन का लक्ष्य क्या है यह अभी तक ज्ञात नहीं है. यदि हम भारत की बात करें तो यहाँ […]

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Industry revolution in world.

Industry revolution in world——- व्यापार का जन्म कैसे हुआ इसका सही अनुमान किसी भी विचारक के पास नहीं है. वैज्ञानिक नजरिया भी सटीक जानकारी अभी तक नहीं दे पाया है. इस विषय पर रिसर्च अभी भी जारी है. 1492ई में ही अमेरिका की खोज होती है. जो दुनिया के लिये एक बहुत बड़ी घटना थी. […]

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What is rape.

What is rape——- यह दुनिया की सबसे जटिल परेशानी है. समस्त संसार में इसका स्वरूप एक ही है. दुनिया के हर देश में इसके लिये कानून है. पूरे दुनिया में इसको केवल कानून से नियंत्रित नहीं किया जा सकता है. दुनिया के हर देश में बलात्कार होता है उसका स्वरूप भी लगभग समान होता है. […]

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Change and society.

Change and society ———यह धरती कैसे बनी इस पर विचारकों में मतभेद है. वैज्ञानिक विचारधारा का मत अलग है. धार्मिक विचारधारा का मत अलग है. विज्ञान मानता है कि रसायनिक क्रियाओं के विकास से जीवन की उत्पति हुई. वहीं धर्म ऐसा नहीं मानता है. दुनिया के हर धर्म में इस संसार के उत्पति के कारण […]

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Mind power and society.

Mind power and society ——-संसार का संचालन मानसिक शक्ति के माध्यम से होता है. मन की क्षमता कितनी है इस पर शोध अभी जारी है. मानव के मानसिक शक्ति से संसार में बहुत बड़े बड़े परिवर्तन हुये है. सर्वप्रथम मानव को अपनी मानसिक क्षमता की पहचान करना चाहिये. मानव मन में सकारात्मक एवं नकारात्मक दोनों […]

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Date rape and society.

Date rape and society ————आधुनिक विश्व में यह गंभीर समस्या हैं. इसका कोई निश्चित स्वरूप नहीं होता हैं. आज यह पूरी दुनिया में फैल चुका हैं, इसको किसी देश या किसी समाज के सीमा में नहीं बांधा जा सकता हैं. आज अपने आप को सभ्य एवं जागरूक समझने वाले लोगों के लिये यह चुनौती के […]

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Behave and society.

Behave and society. ———-जीवन सदैव गतिशील रहता हैं. जीवन के अंत तक मानव का समाजीकरण होता रहता हैं. जीवन को जानने के लिये व्यवहार को समझना बहुत आवश्यक हैं. मानव का जीवन कमजोरियों के साथ साथ चलता हैं. दुनिया के हर समाज में व्यवहार को बहुत महत्व दिया गया हैं. जीवन में व्यवहार करने के […]

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Life event and society.

Life event and society. —-हम कहाँ जन्म लेंगे यह मानव पर निर्भर नहीं है. इस धरती पर एक व्यवस्था है कोई उसे भगवान मानता है. कोई उसे सुपरपॉवर कहता है. कोई उसे प्रकृति कहता है. वैज्ञानिक रूप से अभी तक वह संयोग है या शक्ति है इसकी खोज नहीं किया जा सका है. दुनिया में […]

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Life and society.

Life and society ———-.—– मानव मन में ही संवेदना पायी जाती है. जीवन क्या है इसके विषय में केवल मानव ही जान सकता है. 700करोड़ से अधिक आबादी इस धरती पर है. एक अनुमान के अनुसार केवल 15%लोगों को ही जीवन की सामान्य भौतिक सुख सुबिधा उपलब्ध है. लगभग 500करोड़ लोग मध्यम वर्ग में आते […]