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Date rape and society.

Date rape and society ————आधुनिक विश्व में यह गंभीर समस्या हैं. इसका कोई निश्चित स्वरूप नहीं होता हैं. आज यह पूरी दुनिया में फैल चुका हैं, इसको किसी देश या किसी समाज के सीमा में नहीं बांधा जा सकता हैं. आज अपने आप को सभ्य एवं जागरूक समझने वाले लोगों के लिये यह चुनौती के […]

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Behave and society.

Behave and society. ———-जीवन सदैव गतिशील रहता हैं. जीवन के अंत तक मानव का समाजीकरण होता रहता हैं. जीवन को जानने के लिये व्यवहार को समझना बहुत आवश्यक हैं. मानव का जीवन कमजोरियों के साथ साथ चलता हैं. दुनिया के हर समाज में व्यवहार को बहुत महत्व दिया गया हैं. जीवन में व्यवहार करने के […]

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Life event and society.

Life event and society. —-हम कहाँ जन्म लेंगे यह मानव पर निर्भर नहीं है. इस धरती पर एक व्यवस्था है कोई उसे भगवान मानता है. कोई उसे सुपरपॉवर कहता है. कोई उसे प्रकृति कहता है. वैज्ञानिक रूप से अभी तक वह संयोग है या शक्ति है इसकी खोज नहीं किया जा सका है. दुनिया में […]

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Life and society.

Life and society ———-.—– मानव मन में ही संवेदना पायी जाती है. जीवन क्या है इसके विषय में केवल मानव ही जान सकता है. 700करोड़ से अधिक आबादी इस धरती पर है. एक अनुमान के अनुसार केवल 15%लोगों को ही जीवन की सामान्य भौतिक सुख सुबिधा उपलब्ध है. लगभग 500करोड़ लोग मध्यम वर्ग में आते […]

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Post modern society.

Post modern society . —-=–*—. संसार का हर देश विकसित होना चाहता है. दुनिया में संसाधनों का बहुत असमान वितरण है. जहाँ दुनिया के कुछ देश भौतिक संसाधन में बहुत धनी है वहीं संसाधनों के मामले में बहुत देश बहुत गरीब है. मध्य एशिया जहाँ खनिज तेल में बहुत सम्पन्न है वहीं इन देशों में […]

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Hunger and society.

Hunger and society. ———-दुनिया बदली, लोग बदले, समाज की जरूरत बदली. नहीं बदली तो मानव की अतीत से आज तक भूख की अनुभूति. यह पूरी दुनिया की सच्चाई है भूख से दुनिया का हर समाज लड़ता है. आज दुनिया के हर अर्थव्यवस्था में भूख से जंग जारी है. तकनीकी विकास ने भी भूख को बहुत […]

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Domestic violence and society.

Domestic violence and society. —–==हिंसा बिहीन समाज इस धरती पर नहीं हो सकता है. यह हो सकता है समाज विशेष में हिंसा कम हो. दुनिया का ऐसा कोई देश नहीं है, जहाँ घरेलू हिंसा नहीं हो रहा है. हम सब को समझना चाहिये कि घरेलू हिंसा का मूलकारण क्या है. किसी भी समाज में हिंसा […]

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Electricity and society.

Electricity and society. —–== ऊर्जा मानव के जीवन के लिये बहुत उपयोगी है. विद्युत भी एक ऊर्जा है. यह मानव के भौतिक विकास के लिये आवश्यक है. अतीत में जब से आग का अविष्कार हुआ मानव ने लगातार विकास किया. आज संसार में जो देश विद्युत का जितना अधिक उपयोग करता है उसे अत्यधिक विकसित […]

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Plastic and society.

Plastic and society—–= पालीथीन का मानव जीवन में बहुत अनूठा अविष्कार था पर यह आज मानव के जीवन को दुःख दायी बना रहा है. 2050ई तक समुद्र में मछली से ज्यादा प्लास्टिक की संख्या हो जायेगी. मानव के बहुत उपयोगी वस्तु पालीथीन में पैक होकर सुरक्षित रहती है पर आज यही मानव समाज के लिये […]

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Food and society

Food and society. ——-भोजन जीवन का बहुत महत्वपूर्ण अंग है. जीवन में जीव भोजन से ही ऊर्जा प्राप्त करते है. यदि संतुलित भोजन मानव को ना मिले तो मानव कुपोषण का शिकार हो जायेगा. इस धरती पर बहुत सारे ऊर्जा के स्रोत है. पूरी दुनिया में इतने व्यंजन है कि हम उसको गिन भी नहीं […]