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गतिशीलता और जीवमण्डल

दोस्तों जीवमण्डल क्यों बना यह प्रश्न काफी जटिल है. धर्मशास्त्र और विज्ञान इसकी अलग अलग व्याख्या करते है. जीव जगत काफी विशाल है. बहुत से जीव अभी भी है ,जिनका खोज अभी जारी है . जीव जगत में मानव ही सर्बश्रेष्ठ विकसित प्राणी है .समुद्र में और धरती पर अभी बहुत जीव है जिनकी पहचान […]

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बदलता भारत का रूप.

भारत 1947में आजाद हुआ. शुरू में तो बड़ी परेशानी थी. 1965तक भारत भूखा बेहाल था. परिस्थिति ने करवट बदली हरित क्रांति हुई .धीरे धीरे सब कुछ में बदलाव होने लगा. लोग बदले, सोच बदली ,तरीका बदला  , भारत एक नये रास्ते पर निकल पड़ा. परिवर्तन की हवा बहने लगी. आज 2019  में भारत दुनिया का […]

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मन की योजना.

दोस्तों आज हम बात करेंगे मन की  योजना के दिशा निर्देश पर.दोस्तों मन में अनेक तरह की कल्पना का जन्म होता है. हमें यह जानना चाहिए कि यथार्थ एवं कल्पना में अंतर होता है. आज जो हमारी सोच होती है  वही आगे चल कर यथार्थ बनता है .अगर हम विचार करें की वह मानव जो […]

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बाजारवाद एवं आवश्यकता

आज समस्त संसार  एक गांव के स्वरूप में हो गया है. विश्व में बाजार के नये नये रूप सामने आ रहे है. प्राचीनकाल में बाजार की व्यवस्था बहुत सरल थी. विकास के साथ साथ बाजार व्यवस्था में बदलाव हुआ. बाजारवाद क्या है —-  बस्तुओं  का क्रय  बिक्रय ही बाजारवाद है. आधुनिक बाजार व्यवस्था में मुद्रा […]

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जर्मनी का मॉडल

दोस्तों जर्मनी एक विकसित देश है. यहाँ की अर्थव्यवस्था पूँजीवादी अर्थवयवस्था  है.यहाँ के लोगो ने काफी त्याग किया है .आज पूरी दुनिया में स्वार्थ, भटकाव, हिंसा, बिखराव  फैला हुआ है. परिवार ,देश समाज सब में बिखराव हो रहा है. इस देश ने काफी परेशानी देखी  है . 1990 में एक ऐसी घटना घटी, पुरे विश्व […]

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किसानों के जीवन में बदलाव कैसे हो.

दोस्तों मानव जीवन बहुत बहुमूल्य है,इसकी कीमत नहीं लगायी  जा सकती है. यूरोप तथा अमेरिका के किसान की हालत थोड़ा बेहतर है . पूरी दुनिया में किसानों की हालत बहुत अच्छी नहीं है.अमेरिका और यूरोप अपने किसानों की काफी सहायता  करते है . भारत, चीन सहित पुरे एशिया की हालत बहुत खराब है . किसान […]

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जनजातियों को बचाये.

दोस्तों जनजाति पूरी दुनिया के अभिन्न अंग है. आज हम विकसित ,विकासशील, समाज के सदस्य है, अतीत में हम सब जनजाति समाज के अंग थे. यू  तो पूरी दुनिया में जनजाति समाज का आस्तित्व पाया जाता है . आज इनके विस्थापित होने से इनकी परेशानी बढ़ गयी है. पुरे संसार के लोगो का दायित्व है, […]

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मन का अनुशासन.

कहा जाता है, कि मन का वेग वायु के वेग से भी तेज चलता है .मन में हर पल अनेक विचार आते रहते है.इन विचारों को नियंत्रित करना पड़ता है.मनो बल  ही सर्बोच्च शक्ति है परन्तु नकारात्मक विचार रोकना भी मानव के हित में होगा. मन बहुत चंचल होता है,एक ही पल  में बहुत कुछ […]

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बदलाव को स्वीकारे.

दोस्तों पुरे संसार में बदलाव की प्रक्रिया जारी है. हर दिन नये परिवर्तन हो रहे हैं . इस बदलती दुनिया में अपने आप को तैयार रखे.  हर तरफ नई तकनीक का विकास हो रहा है .परिवार, विवाह ,नातेदारी, सब कुछ में परिवर्तन हो रहा है.आज परिवार टूट रहा है .विवाह के माने बदल रहा है.नातेदारी […]

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भोजन में क्या खाये.

दोस्तों यह  विन्दु काफी गंभीर है,  लेकिन हम सब बहुत बड़ी लापरवाही  इसी विन्दु पर करते है.यह एक सच्चाई है,  की अपने देश में  अधिकांश लोगो को बेहतर भोजन नहीं मिलता है .भारत में अभी भी काफी गरीबी है. हमें इसको समाप्त करना होगा  दुनिया में   साधनों का वितरण बहुत असमान  है. कहीं तेल है […]