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Sex selective abortion and society.

Sex selective abortion and society   —**–

कन्याभ्रूण हत्या मानव समाज के लिये एक कलंक है. यह घटना पूरी दुनिया में पाया जाता है. पूरे संसार में इसको रोकने के लिये अलग अलग कानून है. अनेक देशों में कड़े कानून के बाद भी यह अभी पूरे संसार में जारी है.

कन्या भ्रूण हत्या क्या है —महिला के पेट में पल रहे लड़की को मार देना ही कन्या भ्रूणहत्या है. लड़की जन्म ले इसके पहले ही उसकी हत्या कर दी जाती है. सवाल यह है कि कैसे पता चलता है कि गर्भ में पल रहा भ्रूण लड़की है. इसकी बकायदा लिंग परीक्षण करके पता लगाया जा सकता है. हलांकि इस पर भारत समेत अनेक देशों में प्रतिबंध है. फिर भी परम्परा गत विचार के लोग पैसे के बल पर चोरी छिपे  लिंग परीक्षण का कार्य करा ही लेते है. गर्भ में पल रही बच्ची की हत्या कर देते है.

कन्या भ्रूणहत्या क्यों होती है     ऐसा नहीं कि जो समाज भौतिक रूप से संम्पन्न है, वहां भ्रूणहत्या नहीं होती है. विकसित देशों में भी भ्रूण हत्या होती है. परन्तु वहां कानून बहुत पारदर्शी है. जबकि एशिया, अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका की हालत बहुत खराब है.

भारत जैसे देशों में जहाँ आज भी दहेज के लिये बहू को जला दिया जाता है. आये दिन भारत के समाचार पत्र, टी वी चैनलों पर ऐसी घटना एवं सूचना देखने को मिलती है.

कन्या भ्रूणहत्या का मनोविज्ञान क्या है. इस तथ्य को हम सब को समझना होगा. कन्या भ्रूणहत्या के मूल में पुरूषों के बर्चस्व के तत्व छिपे है. दुनिया का अधिकांश समाज आज भी पुरूष श्रेष्ठता के खोल से बाहर नहीं निकल पाया है. चूँकि समाज में यह विचार धारा गहरे तक बैठ गयी है कि यदि लड़का होगा तो भौतिक वस्तु के उत्पादन में अहम रोल अदा करेगा. समाज में यह भी मानसिकता है कि लड़कियां लड़को के बराबर भूमिका नहीं अदा कर सकती है.

जबकि वैज्ञानिक  तथ्य कुछ और ही इशारा कर रहे है. कौन नहीं जनता है कल्पना चावला को, कौन नहीं जनता है  सुनीता बिलियम को जिन्होंने पूरे विश्व में महिलाओं के अस्तित्त्व को सम्मान के साथ चोटी पर पहुंचाया. अभी हाल में ही भारत के मिशन चंद्रयान 2 में कम से कम 4महिला वैज्ञानिक ने भारत को अहम सफलता दिलायी. यदि हम सच की बात करे तो स्पष्ट है कि लड़का लड़की हर  स्तर से मानसिक एवं शारीरिक रूप से बराबर है. लड़कियां वह हर कार्य कर सकती है जो पुरुष कर सकता है. दुनिया में ऐसे लाखों उदाहरण है. कौन मैडम क्यूरी को नहीं जनता है.

कन्याभ्रूणहत्या को रोकने क उपाय —इस धरती पर हम सभी मानव है. सबको गरिमामय जीवन जीने का अधिकार है.
1-शिक्षा को बढ़ाया जाय.
2-अज्ञानता को दूर करने का प्रयास किया जाय.
3-गर्भ निरोधक के उपाय को दुनिया में आम जन तक पहुंचाया जाय.
4-बच्चे के जन्म को धर्म के तराजू में नहीं तौला जाय.
5-मानवीय मूल्यों को बढ़ाया जाय.
6-नारी सम्मान के प्रति कानून बनाया जाय.
7-कन्या भ्रूणहत्या के कानून को सख्ती से लागू किया जाय.
8-पेपर, मैगजीन, टी वी सीरियल, फिल्म, इंटरनेट, से हर जगह जितने भी प्रचार के माध्यम है, कन्या भ्रूणहत्या के प्रति पूरी दुनिया को जागरूक किया जाय.
9-महिलाओं के गरिमा मय जीवन जीने का अवसर प्रदान किया जाय.

10-महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराध को जल्दी एवं पारदर्शी तरीके से न्याय के पटल पर लाया जाय.

बहुत देशों में लिंगा अनुपात घट रहा है जिसका मूल कारण कन्याभ्रूणहत्या ही है. कन्या भ्रूण हत्या रोकने से समाज में लिंगानुपात सही होगा तथा महिलाओं के  प्रति होने वाले अपराध भी घटेंगे. दुनिया के हर मंच पर महिलाओं को उनकी क्षमता  के अनुसार उचित सम्मान दिया जाय.

मुझे लगता है कि आने वाले वर्षो में नारी जागरूकता में तेजी से सुधार होगा, नारी गरिमामय जीवन जी सकेगी.
दोस्तों कमेन्ट और शेयर जरूर करे, थैंक्स.

Adesh Kumar Singh
Adesh Kumar Singh
I am adesh kumar singh, my education post graduate in sociology. My life target? What is the gole of life. My blogs www. thesocialduty.Com, my research only social issu, My phone nu mber-9795205824,my email-adeshkumarsingh93@gmail. com
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