Socialduty

Truth and society.

Truth  and society ——

                             मानव की परिकल्पना में सत्य बहुत कठोर होता है. सत्य भगवान का रूप होता है. बाइबिल में कहा गया है सत्य मानव को परमात्मा से जोड़ता है. सत्य इतना व्यापक होता है कि इसका सटीक अनुमान लगाना बहुत कठिन है. मानव जीवन के उद्देश्य में से सत्य का पालन करना भी एक लक्ष्य है. जीवन की चाल सरल रेखा में नहीं होता है. जीवन कई परीक्षण के दौर से गुजरता है.

कुछ सत्य पूरे संसार में एक समान पाया जाता है. कुछ सत्य देश और काल के अनुसार होता है. हम सभी मानव जीवन में बेहतर करना चाहते है. लेकिन जो सत्य मार्ग अपनाता है वही जीवन में ऊंचाई को प्राप्त करता है. सत्य किसी का बंधक नहीं है.

सत्य क्या है. —–   सत्य एक विचार है ” दुनिया में अपने एक विचार के लिये लोगों को अपने प्राणों का त्याग करते हुए देखा जा सकता है. सत्य उत्साह है, सत्य सोच है, सत्य रास्ता है, सत्य वह वरदान है जिसके लिये लोग अपनी जान हस्ते हस्ते देने के लिये तैयार रहते है.

लगभग सभी धर्मो में सत्य के विषय में प्रमाण मिलता है इनसे जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरणा मिलती है. हमें जीवन को सम्पूर्णता में  स्वीकार करना चाहिये. सत्य से जीवन में उम्मीद पैदा होती है. हम सभी जानते है उम्मीद पर पूरी दुनिया कायम है. यूरोप में ऐसे नागरिकों का जन्म हुआ जो पूरी दुनिया में सत्य के लिये लड़े. जिससे पूरे संसार में एक संदेश गया इसी संदेश ने दुनिया की कई बड़ी समस्या को समाप्त किया. आज पूरा विश्व यूरोप के इसी सत्य का अनुशरण कर अपना जीवन बेहतर कर रहे है. सत्य की एक विधा है इसको जानना पड़ता है. यानि सत्य पर स्वम चलना पड़ता है. कहा भी जाता है सत्य अपने खोजी का प्रेरणा स्रोत स्वम होता है.

दुनिया के कोने कोने से सत्य के स्वरूप को विद्वानो द्वारा बार बार  जनता के सामने लाया जाता है. इससे समाज में एक ऊर्जा उतपन्न होती है जो विकास का नया मॉडल बनाता है.

हम सब जानते है कि सत्य पर चलना, यह अपने आप में ही एक विकास वादी मॉडल है.  जीवन में जितने परेशानी आती है वह सत्य मार्ग पर चलने से ही आती है. सत्य की भावना रिश्ते को मजबूत करता है. सत्य सामाजिक संबंधों को पारदर्शी बनाता है. सत्य वह आभा है जो चुम्बक का कार्य करता है, सत्यवादी दुनिया के हर समाज में सम्मान पाता  है.संसार में अनेक लोगों ने सत्य के लिये अपनी जान को बलिदान किया.

सत्य वह शक्ति है जो जीवन  में आगे बढ़ने की ताकत देता है. हम सत्य को  जाने. जीवन में सत्य को स्वीकार करना ही सबसे बड़ा न्याय है. न्याय के रूप में जीवन जो व्यवस्था समाज में है उसमें बहुत सुधार की जरूरत है.

ऑस्टेलिया, यूरोप, अमेरिका की स्थिति थोड़ा बेहतर है.
हम अपने परिवार के साथ सत्य भावना से पेश आये. अपने देश एवं समाज के साथ सत्य भावना से पेश आये. यदि कोई इंसान चाहे आप के परिवार का हो या समाज का सदस्य हो उसके साथ अपनी सत्यता से बातचीत करें. जब आप अपनी वात पेश करें सत्य विचार से रखें.

आप कुछ समय बाद देखेंगे सकारात्मक भावना का जोश आप का सहयोग करेगा. जीवन में हर पल सकारात्मक सोचें. अपनी ऊर्जा को रचनात्मक कार्यों में लगाये.
दोस्तों कमेन्ट और शेयर जरूर करें. थैंक्स

Adesh Kumar Singh
Adesh Kumar Singh
I am adesh kumar singh, my education post graduate in sociology. My life target? What is the gole of life. My blogs www. thesocialduty.Com, my research only social issu, My phone nu mber-9795205824,my email-adeshkumarsingh93@gmail. com
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