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Post modern society.

Post modern society . —-=–*—. संसार का हर देश विकसित होना चाहता है. दुनिया में संसाधनों का बहुत असमान वितरण है. जहाँ दुनिया के कुछ देश भौतिक संसाधन में बहुत धनी है वहीं संसाधनों के मामले में बहुत देश बहुत गरीब है. मध्य एशिया जहाँ खनिज तेल में बहुत सम्पन्न है वहीं इन देशों में पानी की बहुत कमी है.

उत्तर आधुनिक समाज क्या है ——-=ऐसा समाज जिसमें तकनीक एवं आधुनिक विचारों का सामंजस्य हो उत्तर आधुनिक समाज कहलाता है. जैसे अमेरिका, यूरोप, आस्ट्रेलिया, जापान का समाज.

ये देश रातो रात विकसित नहीं हो गये है इस देश के नागरिकों ने काफी मेहनत करके अपने देश को विकसित बनाये है. उत्तर आधुनिक समाज में पब, डिस्को, नाईट क्लब, रिसार्ट, यौनिक स्वछंदता, अप संस्कृति का बहुत व्यवस्थित जाल पाया जाता है. अमेरिका, जापान, फ्रांस, ब्रिटेन, रूस, जर्मनी उत्तर आधुनिक समाज के अग्रणी देशों में शामिल है. इन देशों में हर व्यवस्था तकनीक आधारित होती है.

यूरोप और अमेरिका के ढाँचा गत विकास तकनीक पर आधारित है. आज संसार की सबसे लेटेस्ट शोध और तकनीक का जन्म अमेरिका और यूरोप की धरती पर हो रहा है. यह विचारणीय प्रश्न है की क्यों पूरी दुनिया के विकास का इंजन अमेरिका आज बन गया है.

कृषि, बिनिर्माण, सेवा, नये नये अवसर को जन्म दे रहा है. ऊँची इमारतें, चौड़े रोड, बेहतर तकनीकी कौशल उत्तर आधुनिक समाज की देन है. विज्ञानं का वैज्ञानिक विकास, जीवन के हर क्षेत्र में पाया जाता जाता है. फिल्म, डिजाइन, शिक्षा, बड़े बड़े माल, मजबूत सैन्य बल इन विकसित देशों के जीवन में घुले मिले है.

आज यदि हम देखें तो पाते है की पूरे संसार की इकोनॉमी का 80%से अधिक क्रिया कलाप इन उत्तर आधुनिक समाज के देशों पर निर्भर है. ऐसा एक दिन या एक वर्ष में नहीं हुआ है. इसके लिये इन देशों के नागरिकों ने बहुत मेहनत की और उसको विश्व के विकास से जोड़ा. यह विचार का विषय है की दुनिया के 60% से अधिक नये शोध अमेरिका से ही क्यों निकल रहा है. मेरे विचार से उसका मुख्य कारण अमेरिका के लोगों की सकारात्मक सोच एवं कठिन मेहनत को जाता है. यूरोप और अमेरिका का पूरा विकास पिछले 200साल की कहानी है. गुणवत्ता पूर्ण जीवन विकसित समाज में ही उपलब्ध है. यहाँ गुणवत्ता से अर्थ जीवन की अतिआवश्यक बुनियादी जरूरतों से है.

चीन और भारत कितना ही दम भर ले पर इस सच्चाई से हर इंसान वाकिब है की बुनियादी सुबिधा इन देशों में अभी सबको नहीं उपलब्ध है. हम सब को इस सच को जानना चाहिये. भारत बहुत तेजी से अपने देश की गरीबी को कम करने का प्रयास कर रहा है पर अभी भी 45 करोड़ लोगों का जीवन बहुत दुःख दायी है. आज दुनिया के किसी कोने में होने वाली हलचल पूरे संसार पर असर डालती है.

दुनिया के अलग अलग हिस्सों में सामाजिक संरचना भिन्न भिन्न है. विकसित देशों में ऐसा बहुत कुछ है जिसे हम लेकर शेष दुनिया में परिवर्तन ला सकते है. आज भारत यही सोचता की लार्ड मैकाले की नीति भारत के खिलाफ है तो क्या भारत का जो अंग्रेजी भाषा से कारण विकास हुआ क्या होता? शायद नहीं होता. हर साल भारत कई अरब डालर केवल अंग्रेजी भाषा के स्किल एवं nri नागरिकों के कारण पाता है. दुनिया में हर भाषा का महत्व है. इजराइल ने यह साबित किया अपनी पुरानी भाषा को विकसित करके.

आज सारा संसार एक गाँव में बदल गया है. इस तथ्य को पूरी दुनिया को समझना होगा. यदि कोई बेहतर तकनीक या ज्ञान है जिससे सकारात्मक विकास हो सकता है उसे अवश्य स्वीकार करना चाहिये. पूरी दुनिया में लोकतंत्र एवं सामुदायिक विकास को सम्मान प्राप्त है. उत्तर आधुनिक समाज में सब कुछ पूँजी पर निर्भर करता है. आर्थिक मुद्रा की मजबूती इन देशों को दुनिया से अलग करती है. इन देशों में बुनियादी संरचना का विकास बहुत व्यवस्थित पाया जाता है. समस्त संसार साझा मूल्यों को स्वीकार कर मानवीय समस्याओं का उपाय खोजें.

धन्यवाद.

Adesh Kumar Singh
Adesh Kumar Singh
I am adesh kumar singh, my education post graduate in sociology. My life target? What is the gole of life. My blogs www. thesocialduty.Com, my research only social issu, My phone nu mber-9795205824,my email-adeshkumarsingh93@gmail. com
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